ब्रेकिंग
Earthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीEarthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली

बिहार में कई दिग्गजों के बेटे और बेटी की हुई हार, वंशवाद को वोटरों ने नकारा

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कई दिग्गज नेता अपने बेटे और बेटी को चुनाव लड़ा रहे थे. राजनीतिक विरासत को बेटे और बेटियों के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन बिहार ने कई सीटो

बिहार में कई दिग्गजों के बेटे और बेटी की हुई हार, वंशवाद को वोटरों ने नकारा
Manish Kumar
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कई दिग्गज नेता अपने बेटे और बेटी को चुनाव लड़ा रहे थे. राजनीतिक विरासत को बेटे और बेटियों के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन बिहार ने कई सीटों पर नकार दिया है. 

शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा हारे

शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा कांग्रेस के टिकट पर पटना के बांकीपुर से चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन वह जीत नहीं पाए. पहली बार राजनीति में लॉन्च हुए थे. शत्रुघ्न सिन्हा भी बीजेपी से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए थे, लेकिन लोकसभा का चुनाव हार गए थे.

शरद यादव की बेटी हारी

राजनीति के दिग्गज शरद यादव ने भी इस चुनाव में अपने बेटी राजनीति में लेकर आए. चुनाव के कुछ दिन पहले वह कांग्रेस में शामिल हुई. कांग्रेस ने सुभाषिनी शरद यादव को बिहारीगंज से टिकट दिया, लेकिन वह चुनाव हार गई. 


9 बार विधायक रहे सदानंद सिंह का बेटा हारे

कांग्रेस के सीनयर नेता सदानंद सिंह कहलगांव सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं. इस बार बेटे को आगे बढ़ाना चाहते थे, खुद न चुनाव लड़कर बेटे को टिकट दिलाया ,लेकिन उनके बेटे शुभानंद पिता की परंपरागत सीट भी बचा नहीं पाए. वह चुनाव हार गए. 


जय प्रकाश की बेटी हारी

आरजेडी नेता जयप्रकाश नारायण यादव ने अपनी बेटी दिव्या प्रकाश को आगे लेकर आए, लेकिन पार्टी से टिकट दिलाकर तारापुर सीट से मैदान में उतार. तेजस्वी यादव समेत कई नेता प्रचार किए. इसके बाद भी दिव्या प्रकाश चुनाव हार गई. इस तरह के कई नेताओं के और बेटे बेटी और रिश्तेदार चुनाव हार गए.


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Manish Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें