1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated May 05, 2026, 11:35:09 AM
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Bihar News: बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार बन गई है. सरकार बनने के 22 दिन बाद 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा. संभवतः ऐसा पहली बार होगा, जब गांधी मैदान में मुख्यमंत्री का नहीं, मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा. कैबिनेट सदस्यों के शपथ ग्रहण को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया है कि 7 मई के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, के अलावे पूर्व सीएम नीतीश कुमार,विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. दरअसल, बंगाल-असम समेत पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के चलते बिहार में सिर्फ मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम का ही शपथ ग्रहण हुआ था. मंत्रिमंडल के सदस्यों का शपथ को टाल दिया गया था. अब तीन राज्यों में एनडीए की जीत के बाद सम्राट मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण को भव्य रूप देने की तैयारी की जा रही है।
बताया जाता है कि, सम्राट कैबिनेट के विस्तार में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है। खासकर जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की जायेगी. जानकारी के अनुसार जदयू और भाजपा कोटे से मंत्रियों की संख्या समान रहेगी। 2025 में नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे कुछ नेताओं का विभाग बदला भी जा सकता है. इन सबके बीच सबसे अधिक चर्चा जेडीयू के कुशवाहा विधायकों को लेकर है. 2025 के विधानसभा चुनाव में कुशवाहा जाति के कुल 26 उम्मीदवार जीतकर सदन पहुंचे हैं. इनमें अधिकांश एनडीए प्रत्याशी के तौर विजयी होकर विधायक बने हैं.
2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू से सिर्फ 2 कुशवाहा विधायक चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे थे. तब नीतीश कुमार ने जयंत राज, जो पहली बार विधायक बने, उन्हें मंत्री बनाया था. नीतीश कुमार ने इन्हें ग्रामीण कार्य विभाग से लेकर लघु जल संसाधन विभाग और भवन निर्माण विभाग तक की जिम्मेदारी दी थी. 2025 के चुनाव में जेडीयू से पांच कुशवाहा विधायक जीत कर सदन पहुंचे हैं. इस जाति से आने वाले सभी विधायक मंत्री पद के मजबूत दावेदार हैं. सबकी अपनी-अपनी दावेदारी है.
2020 से 2025 तक मंत्री रहे जयंतराज मंत्री पद के स्वाभाविक दावेदार हैं. पार्टी के वरिष्ठ व कद्दावर नेता भगवान सिंह कुशवाहा भी स्वाभाविक और प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. ये नीतीश कैबिनेट में ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं. दल में इनका महत्वपूर्ण स्थान है. ऐसे में इनकी मजबूत दावेदार बनती हुई दिख रही है. तीसरे कुशवाहा विधायक हैं, रामसेवक सिंह. यह भी नीतीश कैबिनेट में समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. ये पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं. इन्होंने भी मजबूत दावेदारी पेश की है. चौथे हैं..पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा. 2025 के विधानसभा चुनाव में यह भी चुनाव जीते हैं. वर्तमान में ये नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की यात्रा को सफल कराने की जिम्मेदारी उठाए हुए हैं. इनके मन में भी मंत्री बनने की इच्छा हिलोरें मार रही हैं. पांचवे हैं सुधांशु कुमार.ये तीसरी बार के विधायक हैं. देखना होगा, नीतीश कुमार इन विधायकों में किस एक पर भरोसा जताते हैं. बताया जाता है कि मंत्री पद की रेस में भगवान सिंह कुशवाहा सबसे आगे दिख रहे हैं.
वहीं, एनडीए की सहयोगी उपेन्द्र कुशवाहा भी अपने बेटे को मंत्री बनाने से बाज नहीं आयेंगे. उल्लेखनीय है कि, कुशवाहा जाति से आने वाले सम्राट चौधरी पर भाजपा ने बड़ा दांव लगाया है. बीजेपी ने सम्राट को सरकार की कमान देकर पिछड़ों में दूसरे नंबर की जाति कुशवाहा वोटरों को साफ-साफ मैसेज दे दिया है. सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनाये जाने से एनडीए के अन्य कुशवाहा विधायकों के 'नेता' बनने की सारी हसरत पर फिलहाल पानी फिरते दिख रहा है.