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नीतीश कुमार के विधानसभा में नहीं होने का ग़म, डिप्टी CM विजय चौधरी बोले- हमें मलाल है कि...

Bihar assembly: बिहार विधानसभा में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने नीतीश कुमार के योगदान को याद करते हुए एनडीए की निरंतरता और नई सरकार के विकास मॉडल पर भरोसा जताया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 24, 2026, 11:40:08 AM

Bihar Assembly

- फ़ोटो bihar vidhansabha tv

Bihar assembly: बिहार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी पूर्व सीएम नीतीश कुमार को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि “दूर दृष्टि वाला नेता” अब सदन में उनके साथ नहीं हैं और नीतीश कुमार अब दूसरे सदन के सदस्य बन चुके हैं।


विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सदन में एक खालीपन महसूस हो रहा है, जैसे एक दीपक की रोशनी से सभी लोग लंबे समय से मार्गदर्शन लेते आए हैं, लेकिन वह दीपक अब दूर चला गया है। उन्होंने कहा कि उसी रोशनी में बिहार की राजनीति और शासन व्यवस्था आगे बढ़ती रही है।


उन्होंने सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने को ऐतिहासिक घटना बताया और कहा कि यह कोई सामान्य बदलाव नहीं है। उनके अनुसार, बिहार की जनता ने लगातार एनडीए को मजबूत समर्थन दिया है, और अब एनडीए की नई पीढ़ी सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं बल्कि जनता के विश्वास की निरंतरता है।


विजय कुमार चौधरी ने यह भी कहा कि यह कोई छोटी बात नहीं है कि एनडीए की तीसरी पीढ़ी भी भविष्य में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पीढ़ियां बदल रही हैं, लेकिन जनता का भरोसा एनडीए से नहीं टूटा है।


उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव की पीड़ा यही है कि सरकारें बनती जा रही हैं लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अवसर केवल बिहार की जनता दे सकती है और इसके लिए जनता का विश्वास जीतना जरूरी है।


अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि जब जेडीयू की संख्या कम थी, तब नीतीश कुमार ने भाजपा को सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन भाजपा ने उन्हें सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने इसे एनडीए की राजनीतिक उदारता बताया।


विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सत्ता का यह स्थानांतरण सहज और लोकतांत्रिक तरीके से हुआ है, जिसे शायद राजद पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहा है, इसलिए बार-बार प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा कि नई सरकार भी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और विकास मॉडल पर ही आगे बढ़ेगी और “25 से 30 फिर से नीतीश” का संदेश सदन में गूंजता रहेगा।