Bihar Crime News: बिहार में पुलिसवालों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। हाल ही में अररिया में ASI राजीव रंजन की हत्या की खबर आई थी, और अब मुंगेर में ASI संतोष कुमार की भी हत्या कर दी गई। दोनों ही मामलों में भीड़ ने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि जब कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
पुलिस पर बढ़ते हमले,
बिहार में लगातार बढ़ती इस तरह की घटनाओं से जनता में गहरा आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अपराधियों के मन में कानून का डर क्यों नहीं रहा? आखिर पुलिस पर हमले क्यों हो रहे हैं? क्या अपराधियों को सजा का कोई भय नहीं रह गया है? अररिया और मुंगेर की घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है और पुलिस प्रशासन इस पर काबू पाने में विफल साबित हो रहा है।
अररिया में ASI राजीव रंजन की हत्या
यह घटना 13 मार्च 2025 की है। अररिया जिले में ASI राजीव रंजन को सूचना मिली थी कि अपराधी अनमोल यादव एक शादी समारोह में शामिल होने आ रहा है। पुलिस जब मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर गाड़ी में बिठाने लगी, तो वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर हमला कर दिया। इस धक्का-मुक्की के दौरान ASI राजीव रंजन अचेत होकर गिर पड़े। उन्हें गंभीर हालत में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अब मुंगेर में ASI संतोष कुमार पर जानलेवा हमला
होली के दिन, मुंगेर जिले में ASI संतोष कुमार दो पक्षों के बीच विवाद सुलझाने पहुंचे थे। इसी दौरान एक पक्ष ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उन्हें पटना के पारस अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बढ़ती घटनाओं पर प्रशासन की चुप्पी
बिहार में पुलिसकर्मियों पर लगातार हो रहे हमले प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गए हैं। इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या अपराधियों में कानून और पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है? सरकार और प्रशासन को इस पर तत्काल कठोर कदम उठाने की जरूरत है ताकि पुलिस की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। अगर इन घटनाओं को रोका नहीं गया तो आने वाले समय में कानून-व्यवस्था की स्थिति और भी बदतर हो सकती है।



