Land Mutation in Bihar: नालंदा के राजगीर में दाखिल-खारिज के कुल 4,287 मामले लंबित हैं, जिनमें 2,069 मामले निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाए नहीं जा सके। पिछले 35 दिनों से 472 मामले और 75 दिनों से 1,592 मामले लंबित पड़े हैं।
यहाँ दाखिल-खारिज के सबसे अधिक मामले लंबित
बिहार में दाखिल-खारिज के हजारों मामले अटके हुए हैं, जिसके कारण लोग CO कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अंचल स्तर पर राजगीर में सबसे अधिक 746 मामले लंबित हैं, जबकि बिहारशरीफ में 729 मामले लंबित होने के कारण यह दूसरे स्थान पर है। जिले के अंचलों में ऑनलाइन दाखिल-खारिज की सुविधा लागू होने के बावजूद लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आम लोगों को बार-बार लगानी पड़ रही है अंचल कार्यालयों के चक्कर
समय पर दाखिल-खारिज नहीं होने से आम नागरिकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन के निर्देशों के बावजूद अंचल कार्यालयों में आवेदन रिजेक्ट करने से पहले त्रुटियों की जानकारी नहीं दी जाती, जिससे लोग बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
अंचलवार लंबित दाखिल-खारिज मामले
राजगीर – 729 ,बिहारशरीफ – 746 ,नूरसराय – 355 ,गिरियक – 280 ,हरनौत – 30 ,इस्लामपुर – 247
रैयतों में बढ़ रहा आक्रोश
दाखिल-खारिज मामलों के बढ़ते बैकलॉग और धीमी प्रक्रिया के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकार इस पर सख्त निर्देश देकर समाधान करेगी या सिर्फ बयानबाजी चलती रहेगी?





