Bihar news: बिहार के सबसे बड़े अस्पतालों में गिने जाने वाले मुजफ्फरपुर के SKMCH में चिकित्सा लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बसौली गांव की रहने वाली रानी देवी का 3 साल का बेटा दीपांशु, खेलते समय गिर पड़ा था। मामूली चोट पर जब वह बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचीं, तो डॉक्टर ने एक्सरे के बाद तुरंत उसके कंधे में प्लास्टर चढ़ा दिया — बिना यह सुनिश्चित किए कि हड्डी टूटी भी है या नहीं।
प्लास्टर चढ़ाए जाने के कुछ ही दिनों बाद दीपांशु के कंधे पर घाव बन गया और उसमें मवाद भर गया। बच्चा दर्द से कराहता रहा, लेकिन जब मां उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचीं, तो सच सामने आया — बच्चे के कंधे में कोई फ्रैक्चर ही नहीं था! रानी देवी दोबारा SKMCH पहुंचीं, जहां एक बार फिर जांच में फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों का दावा है कि "यह सूजन की वजह से दर्द था", लेकिन सवाल यह उठता है कि बिना फ्रैक्चर के प्लास्टर क्यों चढ़ाया गया?
अब बच्चे को अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है।
परिजन अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं और पूरे इलाके में इस लापरवाही को लेकर गुस्सा और बेचैनी का माहौल है। SKMCH की निदेशक डॉ. कुमारी विभा ने दावा किया है कि बच्चे का इलाज अस्पताल में ही किया जाएगा, लेकिन इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की सुधरती व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।






