1st Bihar Published by: 4 Updated Jul 04, 2019, 3:40:02 PM
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DESK: गृह मंत्री अमित शाह अलगाववादियों का चेहरा बेनकाब करने में लग गए है. उनके अगुवाई में गृह मंत्रालय ने कश्मीरियों के सामने अलगाववादियों के चेहरे को बेनकाब करने की योजना बनाई है. खबर की माने तो कश्मीर के 112 अलगाववादी नेता के 220 बच्चे विदेश में या तो रह रहे हैं या पढ़ रहे हैं. आपको बता दें घाटी में स्कूली बच्चों से पत्थरबाजी कराने, आतंकियों के मारे जाने पर स्कूलों को जलवाने और हड़ताल कर स्कूल बंद कराने वाले अलगाववादी खुद अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाते हैं. तहरीक-ए-हुर्रियत के चेयरमैन अशरफ सेहराई के 2 बेटे खालिद और आबिद अशरफ सऊदी अरब में काम करते हैं और वहीं बसे हैं. जमात-ए-इस्लामी के सदर गुलाम मुहम्मद बट का बेटा सऊदी अरब में डॉक्टर है. दुख्तरान-ए-मिल्लत की आसिया अंद्राबी के 2 बेटे विदेश में पढ़ते हैं. उनका बेटा मुहम्मद बिन कासिम मलेशिया और अहमद बिन कासिम ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करता है. सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नीलम गिलानी ने पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई की है. हुर्रियत के नेता मीरवाइज उमर फारूक की बहन राबिया फारूक अमेरिका में डॉक्टर हैं और वो वहीं रहती हैं. बिलाल लोन की बेटी-दामाद ब्रिटेन में रहते हैं और उनकी छोटी बेटी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही है. अलगाववादी मोहम्मद शफी रेशी का बेटा अमेरिका से पीएचडी कर रहा है. अशरफ लाया की बेटी पाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है. मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद युसूफ मीर और फारूक गपतुरी की बेटियां भी पाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं. इसी तरह डेमोक्रैटिक मूवमेंट लीडर ख्वाजा फरदौस वानी की बेटी भी पाकिस्तान में मेडिकल कोर्स कर रही है. वहीदत-ए-इस्लामी नेता निसार हुसैन राठेर की बेटी ईरान में काम करती है और अपने पति के साथ वही पर सेटल है.