Life Style: आज के समय में नींद की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। काम का दबाव, बढ़ता तनाव, मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल हमारी नींद को चुराने लगे हैं। हममें से कई लोग इसे सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार पूरी नींद न लेना आपके दिल की सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है?
इस विषय में हार्ट स्पेशलिस्ट ने भी बताया है कि नींद हमारे शरीर के लिए किसी दवा से कम नहीं है। जब हम सोते हैं, तब शरीर रिपेयर मोड में चला जाता है, कोशिकाएं पुनर्जीवित होती हैं और हार्मोनल बैलेंस संतुलित रहता है। अच्छी नींद न केवल मानसिक सेहत के लिए, बल्कि हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।
डॉक्टर्स के अनुसार, लंबे समय तक नींद की कमी (Chronic Sleep Deprivation) शरीर में कई गंभीर बदलाव ला सकती है। सबसे पहले इसका असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। नींद पूरी न होने से High Blood Pressure यानी उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारियों का कारण बनता है।
इसके अलावा, नींद की कमी से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे Cortisol) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो हार्ट अटैक का जोखिम दोगुना हो सकता है। इतना ही नहीं, नींद की गड़बड़ी से ब्लड शुगर लेवल भी असंतुलित हो सकता है, जिससे डायबिटीज और फिर हार्ट डिजीज का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।




