TEACHER NEWS : इन दिनों सरकारी नौकरी में शिक्षकों का बोलबाला है। सरकार लगातार शिक्षकों को लेकर बहाली निकाल रही है और बड़े पैमाने पर नौकरी भी प्रदान कर रही है। इतना ही नहीं अब शिक्षकों को अच्छी खासी सैलरी भी प्रदान किया जा रहा है। ऐसे में अब इसको लेकर अलग -अलग खबरें भी बाहर आ रही है। इसी कड़ी में अब एक मामला फर्जी टीचर से जुड़ा है। सरकार ने न सिर्फ इनलोगों को नौकरी से हटाया बल्कि वेतन में दिए हुए पैसे भी वापस करने का आदेश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। फर्जी डिग्री और मार्कशीट के सहारे नौकरी पाने वाले 22 टीचरों को सस्पेंड कर दिया है। इतना ही नहीं, इनसे अब तक मिला वेतन भी वापस लिया जाएगा और FIR दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने जब इन लोगों के तरफ से दिए गए डॉक्यूमेंट की बारीकी से जांच-पड़ताल की, तो सारा खेल खुल गया।
इस जांच में कई अध्यापकों की मार्कशीट और सर्टिफिकेट फर्जी निकले। इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं और प्रेस रिलीज जारी करके पूरी लिस्ट भी सार्वजनिक कर दी है। 21 अप्रैल 2014 को निकले विज्ञापन के आधार पर नियुक्त हुए इन अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों का वेरिफिकेशन हुआ। इसके बाद जांच के बाद 22 अध्यापक फर्जी कागज़ों पर नौकरी करते पकड़े गए।
बताया जा रहा है कि, इस लिस्ट में आज़मगढ़, बलिया, मऊ, लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, कानपुर देहात, मिर्ज़ापुर और बुलंदशहर के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक शामिल है। विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि फर्जी दस्तावेज़ से भर्ती हुए अध्यापकों पर FIR दर्ज कराई जाए और जितना वेतन इन्हें दिया गया, उसकी रिकवरी भी की जाए।





