DESK: मुंबई की एक सभा को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उनका कहना था कि भारतीय संविधान सभी समुदायों के लोगों को समान दर्जा देता है और इसी कारण ऐसा संभव है। ओवैसी के इस बयान पर जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राजस्थान में पत्रकारों ने जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य को ओवैसी के इस बयान के बारे में बताया तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि यदि देश में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनकर ही बनेगी। AIMIM के प्रमुख ओवैसी दिन में ही सपने देख रहे हैं।
स्वामी रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि ओवैसी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति और हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया गया। इसके बाद ओवैसी और क्या चाहते हैं? असदुद्दीन ओवैसी केवल सपने देख रहे हैं। यदि भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनती है, तो वह साड़ी पहनकर ही देश की सेवा करेगी।
बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था। इस दौरान ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान के संविधानों के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। कहा कि पाकिस्तान के संविधान में केवल एक विशेष धर्म से संबंधित व्यक्ति ही प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है, जबकि भारतीय संविधान किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बनने का अधिकार देता है। ओवैसी ने आगे कहा कि सर्वशक्तिमान की कृपा से वह दिन जरूर आएगा, जब न तो मैं रहूंगा और न ही वर्तमान पीढ़ी होगी, लेकिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री जरूर बनेगी।





