DESK: वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ वितरित किया। इसी क्रम में पंजाब के फिरोजपुर जिले के 10 वर्षीय श्रवण सिंह को भी सम्मानित किया गया।
श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के जवानों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट दिया था। 10 साल के इस बालक ने सैनिकों के लिए रोज़ाना दूध, चाय, छाछ और बर्फ जैसी आवश्यक चीजें पहुंचाईं। इसके लिए उन्हें वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में पुरस्कार प्रदान किया।
श्रवण ने बताया, “जब सैनिक हमारे गांव आए और ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, मैंने सोचा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए। मैं रोज़ाना उनके लिए दूध, चाय और बर्फ ले जाता था। मुझे पुरस्कार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी इसका सपना भी नहीं देखा था।”
श्रवण अपने परिवार के साथ चक तरन वाली गांव में रहते हैं। उन्होंने जान के खतरे के बावजूद सैनिकों को सीमा पार से होने वाले हमलों के दौरान जरूरी सामान पहुँचाने का पक्का इरादा किया। अपने परिवार को भी सैनिकों के लिए घर देने के लिए मना लिया, जो सीमा चौकी से अधिक दूर नहीं था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीर बाल दिवस पर अन्य पुरस्कार विजेताओं के साथ श्रवण सिंह को भी सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर विजेताओं से मुलाकात की। भारत सरकार पूरे देश में वीर बाल दिवस के अवसर पर बाल वीरता और साहस को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम आयोजित कर रही है। कार्यक्रम में कहानी सुनाना, कविता पाठ, पोस्टर निर्माण और निबंध लेखन जैसी गतिविधियां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य युवा पीढ़ी को इतिहास के वीर नायकों के अदम्य साहस और बलिदान के बारे में जागरूक करना है।





