ARARIA: नेपाल में सोशल मीडिया के 26 प्लेटफॉर्म पर लगे प्रतिबंध को हटा दिए जाने के बावजूद आज दूसरे दिन मंगलवार को भी जेन-जी का प्रदर्शन पूरे देश में जारी रहा। काठमांडू से लेकर विराटनगर, बीरगंज सहित सभी शहरों और ग्रामीण इलाकों में प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी कार्यालय में तोड़फोड़ की साथ ही उन्हें आग के हवाले कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर पथराव भी हुआ।
भारत से सटे बॉर्डर इलाकों में भी प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया और कई पुलिस चौकी सहित सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। नेपाल के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अब प्रदर्शनकारियों के निशाने पर हैं। उनके घरों पर कब्जा किया जा रहा है और आवास को भी आग के हवाले किया गया है। नेपाल में बिगड़े हालात के बीच भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बॉर्डर पर भारी संख्या में एसएसबी जवानों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही पोरस बॉर्डर पर सीमा से लगने वाले पुलिस थाना के साथ एसएसबी के जवानों के द्वारा लगातार गश्ती की जा रही है।
काठमांडू में संसद भवन के बाहर आज दिनभर प्रदर्शन होता रहा। संसद भवन में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। प्रधानमंत्री के खिलाफ सुबह से पूरे नेपाल में प्रदर्शन औ नारेबाजी होती रही। मंगलवार की सुबह कुछ इलाकों में कर्फ्यू हटाया गया था। लेकिन हालात बिगड़ता देख कर्फ्यू फिर से लगा दिया गया। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी कर्फ्यू के बावजूद सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते रहे। नेपाल के संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगे प्रतिबंध हटा लिए जाने के घोषणा कर दी। इसके बावजूद जेन जी का प्रदर्शन नहीं थमा।
नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग से शुरू हुआ प्रदर्शन पीएम केपी ओली की कुर्सी को खतरे में डाल दिया। लगातार मंत्रियों के इस्तीफे के बीच के पी ओली को भी इस्तीफे के लिए झुकना पड़ा। काठमांडू में राष्ट्रपति भवन,उपराष्ट्रपति निवास,प्रधानमंत्री आवास, सिंह दरबार और संसद भवन के आसपास प्रतिबंध जारी है। वहीं मंत्री निवास और प्रमुख दलों के दफ्तरों के आसपास सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा।
नेपाल में हिंसक झड़प प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया के प्रतिबंध को वापस लेने के बावजूद प्रदर्शनकारी 20 लोगों की मौत को लेकर आक्रोशित हैं। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने मंत्रियों और सांसदों का घर फूंकना शुरू कर दिया। जिसके बाद गृह मंत्री रमेश लेखक,कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी,स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल,जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव सहित कई मंत्रियों और सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद पीएम ने भी इस्तीफा दे दिया। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल'प्रचंड',शेर बहादुर देउबा, गृह मंत्री रमेश लेखक और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों में भी आगजनी की गई।
नेपाल में जेन जी के प्रदर्शन को धरान के बीपी कोइराला स्वास्थ्य विजयन संस्थान के जूनियर डॉक्टरों और छात्रों ने भी समर्थन देते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया। विराटनगर ने सुबह से ही तनावपूर्ण स्थिति को लेकर कर्फ्यू लगा रहा। इनरवा नगरपालिका में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। वहीं विराटनगर भट्ठी मोड़ के पास ट्रैफिक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया। जोगबनी सीमा से सटे नेपाल के विराटनगर और इन इलाकों में रह रहे कांग्रेस, एमाले नेताओं ने अपने घर को छोड़ दिया। प्रमुख नेता सेना मुख्यालय में शरण लिए हुए है। मिली जानकारी के अनुसार उन सबों को सुरक्षित देश भेजने की तैयारी की जा रही है।
नेपाल में एयरपोर्ट सेवा को भी बंद कर दिया गया है। क्लासिक टेक इंटरनेट सेवा कई इलाकों में बंद कर दिया गया है। सभी पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई। विराटनगर में सांसद अमृत अर्याल, उपेन्द्र यादव,जयराम यादव सहित कई नेता भूमिगत हो गए हैं। उद्योगपतियों को निशाना बनाया जा रहा है। विराटनगर के एक मॉल में प्रदर्शनकारियों ने जमकर लूटपाट की। बॉर्डर पार इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला करते हुए आगजनी की। नेपाल में हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय सीमा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बड़ी संख्या में एसएसबी जवानों को बॉर्डर की सुरक्षा में लगा दिया गया है।
लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बॉर्डर के पास के भी चेकपोस्ट को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। बॉर्डर को कई इलाकों में सील कर दिया गया है। आवाजाही रोके जाने के कारण एक दूसरे देश में हजारों की संख्या में लोग फंस गए हैं। नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शन को लेकर अररिया एसपी अंजनी कुमार ने सीमावर्ती क्षेत्र के थाना और ओपी को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है और बॉर्डर पार की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखते हुए हरेक गतिविधियों को सूचना जिला पुलिस मुख्यालय को देने को निर्देश दिया है।
अररिया से राजेश कुमार की रिपोर्ट




