1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 29, 2026, 3:38:17 PM
- फ़ोटो
Plastic Banknotes: भारत में जल्द ही नोटों का रूप पूरी तरह बदल सकता है। अब तक जेब में रखे-रखे फट जाने वाले कागजी नोटों की जगह आने वाले समय में प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोट देखने को मिल सकते हैं। इसको लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब पॉलीमर बेस्ड बैंक नोट को लेकर गंभीरता से विचार कर रहा है और इस दिशा में तैयारी भी शुरू हो चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI की हाल की बोर्ड बैठकों में प्लास्टिक नोटों को भारत में लागू करने को लेकर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में RBI इसको लेकर पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो भारत उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां पहले से ही प्लास्टिक करेंसी का इस्तेमाल हो रहा है।
क्या होते हैं प्लास्टिक नोट?
पॉलीमर नोट सामान्य कागज के नहीं होते, बल्कि एक खास तरह के प्लास्टिक मटेरियल से तैयार किए जाते हैं। ये नोट दिखने में चमकदार और मजबूत होते हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि ये जल्दी फटते नहीं, पानी में खराब नहीं होते और लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन में पहले से पॉलीमर नोट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। अब भारत भी इसी दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
क्यों बदल सकता है नोटों का सिस्टम?
दरअसल RBI की सालाना रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कागजी नोटों की छपाई पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। वित्त वर्ष 2025 में नोट छापने का खर्च बढ़कर करीब 6372 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके अलावा हर साल करोड़ों पुराने और गंदे नोट वापस लेने पड़ते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार बीते साल लगभग 23.8 अरब गंदे नोट सिस्टम से हटाए गए। इनमें सबसे ज्यादा 500 और 100 रुपये के नोट थे। यही वजह है कि अब ऐसे विकल्प तलाशे जा रहे हैं जो ज्यादा टिकाऊ हों और जिनकी लाइफ लंबी हो।
प्लास्टिक नोट आने पर लोगों को कई फायदे मिल सकते हैं। ये नोट जल्दी फटेंगे नहीं, पानी में भी खराब नहीं होंगे और लंबे समय तक चलेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि नकली नोट बनाना भी काफी मुश्किल हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एक पॉलीमर नोट की लाइफ सामान्य कागजी नोट से कई गुना ज्यादा होती है। यानी बार-बार नए नोट छापने की जरूरत कम पड़ेगी और सरकार का खर्च भी घट सकता है।
ATM में भी नहीं होगी परेशानी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के मौजूदा ATM सिस्टम को पॉलीमर नोटों के हिसाब से आसानी से तैयार किया जा सकता है। यानी अगर नए नोट आते हैं तो लोगों को ATM इस्तेमाल करने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
सूत्रों के मुताबिक RBI के पास इस बदलाव को लागू करने के लिए जरूरी संसाधन भी मौजूद हैं। इसलिए माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस दिशा में तेजी से काम हो सकता है।
फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है कि सभी कागजी नोट बंद कर दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि शुरुआत कुछ चुनिंदा नोटों से हो सकती है। RBI पहले ट्रायल के तौर पर पॉलीमर नोट जारी कर सकता है और उसके बाद इसके परिणाम को देखकर आगे फैसला लिया जाएगा।
देश में UPI और डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसके बावजूद नकदी की मांग कम नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में चलन में मौजूद कुल नकदी लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि RBI अब करेंसी सिस्टम को ज्यादा मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर फोकस कर रहा है।