1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 29, 2026, 8:13:53 PM
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Bihar Road Project: बिहार की महत्वपूर्ण सड़क एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पथ निर्माण विभाग लगातार सक्रिय प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न परियोजनाओं में बनने वाले रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) से संबंधित अनुमोदनों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में रेलवे से तकनीकी अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। विभागीय सचिव ने निर्देश दिया कि पूर्व मध्य रेलवे एवं रेलवे के उच्चाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी लंबित स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त की जाएं, ताकि परियोजनाओं की प्रगति और तेज हो सके। आवश्यकता पड़ने पर विषय को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन स्तर पर भी उठाया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से मोकामा–मुंगेर फोरलेन, पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे, रक्सौल–हल्दिया हाई स्पीड कॉरिडोर, गोरखपुर–सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे और आमस–दरभंगा एक्सप्रेसवे आदि परियोजनाओं की समीक्षा हुई।
विभागीय अधिकारियों ने सचिव को बताया कि निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे, हाई स्पीड कॉरिडोर एवं राष्ट्रीय उच्च पथों पर कई स्थानों पर रेलवे लाइन को पार करने के लिए अत्याधुनिक आरओबी का निर्माण प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पथ निर्माण विभाग रेलवे के साथ निरंतर समन्वय बनाकर कार्य कर रहा है, ताकि राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी एवं तेज आवागमन का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके।
बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के क्षेत्रीय पदाधिकारी, विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े परियोजना निदेशक, पथ निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति, रेलवे समन्वय से जुड़े विषयों तथा आरओबी निर्माण हेतु आवश्यक अनुमोदनों पर विस्तृत चर्चा की।
इधर, सचिव पाल ने डिजाइन में पूर्व मध्य रेलवे की ओर से अप्रूवल में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र अप्रूवल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आरओबी निर्माण से न केवल यात्रियों का समय बचेगा बल्कि राज्य की सड़कों पर आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा। रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, जिससे यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा।