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दिल्ली हाईकोर्ट से कॉकरोच जनता पार्टी को बड़ा झटका, X अकाउंट बहाल करने से कोर्ट का इनकार

Cockroach Janata Party: दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के X अकाउंट को तत्काल बहाल करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ सामग्री को आपत्तिजनक बताते हुए केंद्र सरकार और X प्लेटफॉर्म से जवाब मांगा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 29, 2026, 1:58:25 PM

Cockroach Janata Party

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार (29 मई) को अदालत ने पार्टी के X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामले के सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी है और केंद्र सरकार व X प्लेटफॉर्म का पक्ष सुनने के बाद ही कोई आदेश जारी किया जाएगा।


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने CJP के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ सामग्री को “आपत्तिजनक” माना और तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए CJP के X हैंडल को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था।


बता दें कि 21 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आधिकारिक X अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद समर्थकों ने ‘Cockroach Is Back’ नाम से नया हैंडल बनाया, जिसके वर्तमान में 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।


पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे अभिजीत दीपके ने 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की थी। यह पार्टी उस विवाद के बाद चर्चा में आई, जब 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ संबंधी टिप्पणियों को लेकर बहस छिड़ गई थी।


CJP का दावा है कि उसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को मजबूत करना और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए एक स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है। हाल ही में पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं और NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।


वहीं, 16 मई को चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी युवाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि फर्जी और अवैध डिग्रियों के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश करने वालों के संदर्भ में थी।