DELHI: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को एक दर्दनाक हादसा हुआ था। एक हुंडई आई 20 कार में हुए धमाके से 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी वही 30 से अधिक लोग घायल हो गये थे। इस घटना को आतंकवादी हमला माना जा रहा है। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। एनआई को अपनी जांच में बड़ी सफलता हाथ लगी है।
इस केस में एनआईए ने पहली गिरफ्तारी की है। जिस हुंडई i20 में धमाका हुआ था उसके मालिक को आमिर राशिद अली को एनआईए ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इसी ने मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर की मदद की थी। गिरफ्तार कार का मालिक आमिर राशिद जम्मू-कश्मीर के पंपोर का रहने वाला है। एनआईए की जांच में पता चला कि मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर की मदद आमिर राशिद ने की थी। हमले में इस्तेमाल हुंडई i20 कार आमिर राशिद अली के नाम पर रजिस्टर्ड थी। आमिर राशिद अली i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था।
कार ब्लास्ट में मरने वाले ड्राइवर की पहचान पुलवामा निवासी उमर उन नबी के रूप में हुई है। वह फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर था। जांच में यह बात सामने आई कि दिल्ली धमाके के लिए जिम्मेदार ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल सालभर से आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। इस मॉड्यूल का प्रमुख साजिशकर्ता दिल्ली धमाके में मारा गया डॉ. उमर नबी ही था।
मिली जानकारी के अनुसार डॉ. उमर टेरर कट्टरपंथी था। मॉड्यूल के लिए आत्मघाती हमलावर की तलाश में था। ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए ‘सुसाइड बॉम्बर’ के इस्तेमाल पर जोर देता था। श्रीनगर के काजीगुंड से पकड़े गये जासिर उर्फ दानिश ने इन बातों का खुलासा किया है। कहा कि कुलगाम के एक मस्जिद में टेरर मॉड्यूल के सदस्यों से उसकी मुलाकात हुई थी।
फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक रेंट के मकान में टेरर मॉड्यूल के सदस्य जासिर को ले गया था। ये लोग जासिर को जैश-ए-मोहम्मद का ओवरग्राउंड वर्कर बनाना चाहते थे। दिल्ली ब्लास्ट में मारा गया आई 20 कार का ड्राइवर डॉ. उमर ने भी जासिर का ब्रेनवॉश किया था। जासिर को आत्मघाती हमलावर बनाने की कोशिश की लेकिन उसने कह दिया कि इस्लाम में सुसाइड हराम है और इतना कहते हुए वह पीछे हट गया।




