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Bihar News : बिहार में जमाबंदी सुधार अब पूरी तरह मुफ्त, RTPS काउंटर पर नहीं देना होगा कोई शुल्क; सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! अब जमाबंदी सुधार के लिए RTPS काउंटर पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। निजी साइबर कैफे भेजने वाले कर्मियों पर होगी कार्रवाई। जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 12, 2026, 9:15:20 AM

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Bihar news - फ़ोटो Ai photo

Bihar News :  बिहार सरकार ने जमाबंदी सुधार से जुड़े मामलों में आम लोगों को बड़ी राहत दी है। अब जमाबंदी में किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधार कराने के लिए RTPS काउंटर पर आवेदन करने वाले लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी जिलों और अंचल कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आवेदन की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया सरकारी काउंटर पर निशुल्क पूरी की जाएगी।


विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी भी आवेदक को आवेदन भरने या दस्तावेज अपलोड कराने के लिए निजी साइबर कैफे भेजना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। यदि किसी कर्मचारी की ऐसी शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


RTPS काउंटर पर मिलेगी मुफ्त सेवा

सरकार के नए निर्देश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जमाबंदी सुधार के लिए RTPS काउंटर पर पहुंचता है तो वहां मौजूद कर्मियों की जिम्मेदारी होगी कि वे उसका आवेदन ऑनलाइन दर्ज करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर प्रक्रिया पूरी करें। इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।


सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अतिरिक्त खर्च न करना पड़े और सभी सुविधाएं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हों।


इन माध्यमों से कर सकते हैं आवेदन

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, जमाबंदी से जुड़ी कई तरह की गलतियों को इस प्रक्रिया के माध्यम से ठीक कराया जा सकता है। इनमें जमाबंदी में नाम की अशुद्धि, खाता संख्या या खेसरा संख्या में त्रुटि, अन्य विवरणों का संशोधन तथा छूटी हुई जमाबंदी का ऑनलाइन दर्जीकरण शामिल है। इसके अलावा अन्य आवश्यक राजस्व अभिलेखों में भी निर्धारित नियमों के तहत सुधार कराया जा सकेगा।


साइबर कैफे भेजने पर होगी कार्रवाई

विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि RTPS काउंटर पर आने वाले किसी भी आवेदक को निजी साइबर कैफे भेजना स्वीकार्य नहीं होगा। यदि कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


साथ ही किसी भी कर्मी को आवेदन लेने से इनकार करने की अनुमति नहीं होगी। आवेदन स्वीकार करना और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसे आगे बढ़ाना संबंधित RTPS कर्मियों की जिम्मेदारी होगी।


ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को होगा सबसे अधिक लाभ

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। पहले कई लोगों को ऑनलाइन आवेदन कराने के लिए निजी साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ता था, जहां अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था। अब वही प्रक्रिया सरकारी RTPS काउंटर पर बिना किसी शुल्क के पूरी होगी।


इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक वसूली की शिकायतों पर भी रोक लगेगी।


अधिकारियों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों और अंचल अधिकारियों को नए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। यदि कहीं भी नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि आम नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के समय पर और पारदर्शी तरीके से राजस्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।