1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 12, 2026, 7:23:06 AM
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पटना: बिहार में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे अधिक छात्रों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा। सबसे बड़ा लाभ राजधानी पटना स्थित पीएमसीएच को मिला है, जहां एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दी गई है। इसके बाद अब यहां कुल 250 छात्रों का नामांकन हो सकेगा, जबकि पहले यह संख्या 200 थी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) में भी एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) और श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर में भी सीटों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर लिया है और संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
फैकल्टी की कमी दूर करने की तैयारी
मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने के साथ-साथ फैकल्टी की कमी को भी दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अगले 90 दिनों के भीतर शिक्षकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों का पूरी तरह पालन किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त फैकल्टी उपलब्ध होने से मेडिकल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और कॉलेजों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
DMCH और SKMCH में भी बढ़ेंगी सीटें
राज्य सरकार का फोकस केवल पीएमसीएच और JLNMCH तक सीमित नहीं है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज और मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भी एमबीबीएस सीटों में वृद्धि की योजना बनाई गई है। इन संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं और शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर सीटों का विस्तार किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और डॉक्टरों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
निजी मेडिकल कॉलेजों को भी मिलेगा लाभ
सरकारी संस्थानों के अलावा राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। विभाग का कहना है कि जिन निजी संस्थानों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सभी मानकों को पूरा कर लिया है, वहां भी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इस कदम से बिहार में मेडिकल शिक्षा की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राज्य के छात्रों को दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता भी कम होगी।
छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
एमबीबीएस सीटों में वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जो हर वर्ष मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बावजूद सीमित सीटों के कारण दाखिला नहीं ले पाते। सीटें बढ़ने से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आने वाले वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की क्षमता बढ़ने से बिहार में डॉक्टरों की उपलब्धता भी बेहतर होगी। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने में सहायता मिलेगी।