Bihar Election : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी बीच नवनिर्वाचित विधायकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य की स्पेशल ब्रांच ने रिपोर्ट तैयार कर संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार 243 में से 132 विधायक पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार विशेष सतर्कता बरत रही है।
सूत्रों के अनुसार, नए विधायकों के जिलों में जैसे ही पुलिस कार्यालय को सुरक्षा के लिए कोई आवेदन मिलेगा, उन्हें तुरंत तीन बॉडीगार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे। यह सुविधा सभी नए जनप्रतिनिधियों को सामान्य प्रक्रिया के आधार पर दी जा रही है। वहीं हारे हुए विधायकों और पूर्व मंत्रियों को मिली अतिरिक्त सुरक्षा की समीक्षा भी शुरू हो चुकी है। इस बार 132 विधायक चुनाव हार चुके हैं, जिनमें पूर्व मंत्री सुमित कुमार भी शामिल हैं। नियम के अनुसार, चुनाव हारने वाले विधायकों के पास केवल एक सुरक्षा गार्ड रह सकता है। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को वापस करना होगा। यदि किसी पर विशेष खतरा है, तो संबंधित व्यक्ति को एसएसपी कार्यालय में आवेदन करना होगा, जिसके बाद नयी सुरक्षा समीक्षा की जाएगी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह रूटीन प्रक्रिया है, जो हर चुनाव के बाद लागू की जाती है। यह किसी विशेष थ्रेट इनपुट के आधार पर नहीं, बल्कि औपचारिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। बिहार में VIP सुरक्षा का दायरा देश में सबसे बड़ा है, जहां लगभग 20% पुलिस बल VIP सुरक्षा में तैनात है। 1 अगस्त 2025 को राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सहित छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।
विधायकों के लिए नया आवास परिसर तैयार
नई विधानसभा के गठन के साथ नवनिर्वाचित विधायकों के लिए तैयार किए गए नए आवास परिसर का काम भी पूरी तरह पूरा हो चुका है। भवन निर्माण विभाग ने बताया कि पटना में लगभग 44.41 एकड़ जमीन पर 246 नए आवासों का निर्माण किया गया है। ये आवास आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और इन्हें विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर आवंटित किया जाएगा।हर आवास पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का नाम और नंबर अंकित रहेगा।
नए आवासों का क्षेत्रफल लगभग 3693 वर्गफुट है। परिसर में विधायकों के क्वार्टर के अलावा एमएलए हॉस्टल, कैंटीन, कम्युनिटी सेंटर समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि नए आवासों के तैयार होने से विधायकों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनके कार्यों में सुविधा बढ़ेगी।
नई सरकार के गठन के साथ सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी प्रोटोकॉल और विधायकों की आवासीय सुविधाओं को लेकर सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। चुनाव के बाद प्रशासनिक गतिविधियों में भी तेजी आ गई है, जिससे आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और प्रशासन में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं।






