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Bihar Election 2025: इन चार सीटों पर राहुल और वाम दलों के लिए तेजस्वी नहीं करेंगे प्रचार! जानिए RJD ने क्या बनाई रणनीति?

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव नजदिक है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों में अलग ही जोश देखने को मिल रहा और जनता का दिल जीतने में लगे हुए है। इस बीच, चुनाव को मद्देनजर राजद (RJD) ने अपनी चुनावी रणनीति में एक नई दिशा अपनाई है।

Bihar Election 2025
बिहार चुनाव 2025
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PRIYA DWIVEDI
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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव नजदिक है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों में अलग ही जोश देखने को मिल रहा और जनता का दिल जीतने में लगे हुए है। इस बीच, चुनाव को मद्देनजर राजद (RJD) ने अपनी चुनावी रणनीति में एक नई दिशा अपनाई है। पार्टी ने कांग्रेस और भाकपा (CPI) के बीच विवाद वाली चार विधानसभा सीटों पर प्रचार से परहेज करने का निर्णय लिया है, जिसमें ये सीटें बछवाड़ा, करगहर, राजापाकर और बिहारशरीफ शामिल हैं। इन चारों सीटों पर भाकपा और कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि राजद का यह कदम स्थानीय समीकरण और गठबंधन संतुलन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।


जानकारी के अनुसार, करगहर और राजापाकर में 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी, जबकि बछवाड़ा में भाकपा दूसरे नंबर पर रही थी। बिहारशरीफ में 2020 में न तो कांग्रेस और न ही भाकपा ने चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में राजद के उम्मीदवार ने लगभग 66 हजार वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार राजद ने इन चार सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।


ऐसे में अब जो संकेत मिल रहे हैं उसमें महागठबंधन में शामिल पार्टी के बीच अभी भी जो गाठ उलझी है वह सुलझते हुए नजर नहीं आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि इन चार विधानसभा सीटों पर महागठबंधने के सीएम फेस तय किए गए तेजस्वी यादव इन चार विधानसभा सीटों पर प्रचार करेंगे या नहीं। यह अभी तक तय नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुतारबिक, राजद ने अपनी स्थानीय इकाइयों को संकेत दिया है कि जीत की संभावना का आकलन करने के बाद ही किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान की अपील करें। यह रणनीति बताती है कि पार्टी सटीक राजनीतिक गणना और स्थानीय समीकरणों के आधार पर चुनावी कदम उठा रही है।


वहीं, कांग्रेस और राजद के बीच दोस्ताना मुकाबला वाली पांच सीटें भी हैं – नरकटियागंज, कहलगांव, सुल्तानगंज, वैशाली और सिकंदरा। इन क्षेत्रों में पिछले चुनाव में कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार राजद ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं और दोनों दलों के नेता अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं।


गुरुवार को शेखपुरा में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा में शेखपुरा से राजद के उम्मीदवार विजय यादव भी मंच पर मौजूद रहे। हालांकि, सिकंदरा की सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद चौधरी के समर्थन में सभा आयोजित की गई, जबकि राजद के उम्मीदवार उदय नारायण चौधरी को मंच पर नहीं बुलाया गया। राहुल गांधी ने सभा में स्पष्ट रूप से विनोद चौधरी की जीत के लिए जनता से अपील की।


इस चुनाव में राजद की रणनीति जातिगत समीकरण के साथ-साथ स्थानीय गठबंधन संतुलन पर आधारित है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी सीट पर भाकपा और कांग्रेस के बीच मत विभाजन से विपक्ष की जीत की संभावना प्रभावित न हो। इसके साथ ही, यह कदम राजद की गठबंधन प्रबंधन क्षमता को भी दर्शाता है।


इस बार यह भी देखा जा रहा है कि राजद महिला और युवा मतदाताओं के मुद्दों को भी अपनी रणनीति में प्रमुखता दे रहा है। वहीं, एनडीए की ओर से भी जाति, विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को लेकर व्यापक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इस बार बिहार के विधानसभा चुनाव में स्थानीय समीकरण, गठबंधन रणनीति, जातिगत वोट और विकास के मुद्दे सभी का मिश्रण देखने को मिलेगा, जो राज्य की सियासत को पहले से अधिक जटिल और प्रतिस्पर्धी बना रहा है।

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रिपोर्टर / लेखक

PRIYA DWIVEDI

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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