Bihar Election Results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की मतगणना के दौरान झंझारपुर विधानसभा सीट में एनडीए की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीतीश मिश्रा ने शुरुआती रुझानों में अपने प्रतिद्वंद्वी महागठबंधन के सीपीआई उम्मीदवार राम नारायण यादव पर स्पष्ट बढ़त बना ली है। तीसरे राउंड की गिनती में नीतीश मिश्रा ने 11,702 वोट हासिल कर 6,968 वोटों से बढ़त बनाई, जबकि राम नारायण यादव को 4,734 वोट मिले। जन सुराज पार्टी के केशवचंद्र भंडारी को 964 वोट ही प्राप्त हुए। पहले राउंड में भी नीतीश मिश्रा 2,559 वोटों की बढ़त के साथ 4,287 वोटों पर थे, जबकि राम नारायण यादव को 1,728 और केशवचंद्र भंडारी को 293 वोट मिले थे।
मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई, जिसमें पहले पोस्टल बैलट की गिनती की गई और 8:30 बजे ईवीएम से वोटों की गिनती प्रारंभ हुई। झंझारपुर विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को हुए मतदान में 60.21 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। भाजपा ने मौजूदा विधायक और बिहार सरकार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा को फिर से उम्मीदवार बनाया, जबकि सीपीआई ने अपने पुराने उम्मीदवार राम नारायण यादव को मैदान में उतारा। उल्लेखनीय है कि 2020 में नीतीश मिश्रा ने राम नारायण यादव को 41 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। नीतीश मिश्रा इससे पहले तीन बार जेडीयू के टिकट पर झंझारपुर से विजयी रहे हैं। वह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं, जिन्होंने झंझारपुर से लगातार पांच बार कांग्रेस के विधायक के रूप में सेवा की थी।
सिर्फ झंझारपुर ही नहीं, बल्कि अन्य सीटों पर भी एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर जारी है। नवादा में जेडीयू की विभा देवी, गोविंदपुर में भाजपा की विनीता मेहता, वारिसलीगंज में भाजपा की अरुणा देवी और हिसुआ में भाजपा के अनिल सिंह आगे चल रहे हैं। वहीं, रजौली में आरजेडी की पिंकी भारती आगे हैं। शेखपुरा (बरबीघा) में जेडीयू के कुमार पुष्पनंजय 3,628 वोटों से कांग्रेस के त्रिसूलधारी सिंह पर बढ़त बनाए हुए हैं। समस्तीपुर के उजियारपुर में आरजेडी के आलोक कुमार मेहता अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रशांत पंकज से 4,209 वोटों से आगे चल रहे हैं।
इस प्रकार राज्य के विभिन्न जिलों में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है, और 14 नवंबर को मतगणना समाप्त होने के बाद ही सभी सीटों का अंतिम परिणाम सामने आएगा। इस चुनाव में उम्मीदवारों की जीत-हार का अंतर और मतों की संख्या जनता की राजनीतिक प्रवृत्ति और गठबंधन की स्थिति पर स्पष्ट संकेत देगी।





