Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान EVM की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर साझा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में गोपालगंज, आरा और सारण जिलों में केस दर्ज की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के तहत उठाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गोपालगंज में दो लोगों के खिलाफ तथा आरा और सारण में एक-एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये सभी घटनाएं 6 नवंबर को पहले चरण के मतदान के दौरान हुईं, जब कुछ मतदाताओं ने मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन से ईवीएम की तस्वीरें लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन ले जाना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। अब यह जांच की जा रही है कि आरोपी मोबाइल फोन लेकर मतदान केंद्र तक कैसे पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया की गोपनीयता भंग करना और चुनावी प्रचार से जुड़ी सामग्री साझा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
सारण पुलिस ने बताया कि 6 नवंबर की सुबह करीब 10:15 बजे सोशल मीडिया निगरानी टीम ने कुछ अकाउंट्स पर चुनाव से जुड़ी भ्रामक और अनुचित सामग्री देखी। इनमें से एक वीडियो में एक राजनीतिक दल के पक्ष में मतदान करते हुए ईवीएम की रिकॉर्डिंग की गई थी, जो तेजी से वायरल हो गई। इसके बाद सारण साइबर थाना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की हरकतें न केवल आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हैं, बल्कि यह सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और विधि-व्यवस्था भंग करने का प्रयास भी है। सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सारण साइबर थाना ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता से जुड़ी किसी भी जानकारी, फोटो या वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करना दंडनीय अपराध है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग या पोस्टिंग से बचें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





