Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले NDA में सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ चला है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान उन नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के लिए दबाव बना रहे हैं, जहां उनकी पार्टी 2020 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रही थी। इनमें ब्रह्मपुर, दिनारा, हरनौत, जगदीशपुर, कदवा, कस्बा, ओबरा, रघुनाथपुर और रूपौली शामिल हैं। हालांकि, जनता दल (यूनाइटेड) के नेता इन सीटों पर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं, जिससे गठबंधन में अब शह-मात का खेल शुरू हो गया है।
चिराग पासवान की LJP(RV) ने 2020 में NDA से अलग होकर 137 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल एक सीट जीती, जो बाद में विधायक के पार्टी छोड़ने से खाली ही हो गई। नौ सीटों पर उनकी पार्टी दूसरे स्थान पर रही, जिसके आधार पर चिराग अब इन सीटों को अपने खाते में चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, NDA में BJP और JD(U) के बीच 243 में से करीब 100-100 सीटों पर अघोषित सहमति बन चुकी है, जबकि बची 43 सीटें LJP(RV), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के बीच बंटेंगी। LJP(RV) को 25-28 सीटें मिलने की संभावना है, लेकिन चिराग की इन नौ सीटों पर नजर JD(U) के लिए चुनौती बनी हुई है।
JD(U) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह दावा किया है कि सीट बंटवारे पर अभी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि JD(U) इन नौ सीटों पर अपने मजबूत दावेदार उतारने की रणनीति बना रही है। 2020 में LJP(RV) ने JD(U) के वोट काटकर उसे नुकसान पहुंचाया था, जिसका खामियाजा JD(U) को 115 में से केवल 43 सीटें मिलने के रूप में भुगतना पड़ा। अब नीतीश कुमार चिराग की महत्वाकांक्षा पर लगाम लगाने के लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’ की तैयारी में हैं। दूसरी ओर चिराग ने हाल ही में कहा कि वह सभी 243 सीटों पर लड़ने को तैयार हैं, हालांकि उन्होंने बाद में NDA के प्रति वफादारी जताते हुए इसे गठबंधन को मजबूत करने की रणनीति बतला दिया।






