BJP Bihar cabinet : बिहार की राजनीति में इस समय हलचल तेज है। नई सरकार के शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले भाजपा की ओर से संभावित मंत्रियों को कॉल जाना शुरू हो गया है। इससे यह लगभग साफ हो गया है कि भाजपा ने अपने कोटे से किन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला किया है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, जमुई की विधायक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी श्रेयसी सिंह को इस बार मंत्री पद की शपथ लेने का मौका मिलने जा रहा है। यह उनका पहला मंत्री कार्यकाल होगा। इसके अलावा, राज्यसभा सांसद रह चुके और केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल चुके रामकृपाल यादव को भी इस बार बिहार सरकार का हिस्सा बनाया जा रहा है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार बनने के साथ ही भाजपा के भीतर एक उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी को इस बार मंत्रिमंडल में पर्याप्त स्थान मिलने की उम्मीद है। भाजपा ने इस बार युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण पेश करने का फैसला किया है। श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाने का निर्णय इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जमुई जैसे क्षेत्र से आने वाली श्रेयसी सिंह ने राजनीति में तेज़ी से अपनी पहचान बनाई है। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जमुई सीट पर शानदार जीत दर्ज कर भाजपा को एक नया जनाधार दिया था।
उनकी युवा और मजबूत छवि तथा खेल जगत में उपलब्धियों को देखते हुए भाजपा उन्हें एक सशक्त प्रशासनिक चेहरा बनाना चाहती है। माना जा रहा है कि उन्हें ऐसा विभाग दिया जा सकता है जिसमें युवाओं, खेल या ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा दायित्व शामिल हो। हालांकि, विभागों को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
इसके साथ ही रामकृपाल यादव का मंत्री बनना भी भाजपा की बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है। रामकृपाल यादव केंद्र में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रह चुके हैं और बिहार में उनकी पकड़ काफी मजबूत है। उनकी एंट्री से न सिर्फ यादव समाज में भाजपा की पैठ मजबूत होगी बल्कि सरकार में भाजपा का अनुभवी चेहरा भी शामिल हो जाएगा। राज्य सरकार के भीतर प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए अनुभवी नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और रामकृपाल यादव इस भूमिका को अच्छी तरह निभा सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भी पार्टी को काफी मजबूती दी है। इसीलिए माना जा रहा है कि उन्हें इस बार जिम्मेदारी देते हुए सरकार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा की ओर से अन्य विधायकों और नेताओं को भी फोन जाना शुरू हो गया है। हालांकि, कई नामों पर अभी अंतिम मोहर लगना बाकी है। पार्टी यह प्रयास कर रही है कि उसकी सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर आधारित रणनीति मंत्रिमंडल में दिखाई दे। इस बार महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की भी चर्चा है, जिसके कारण श्रेयसी सिंह जैसे चेहरों को मौका मिलना भाजपा की उस दिशा में की गई पहल माना जा रहा है।
नीतीश कुमार की ओर से पहले ही संकेत दिया जा चुका है कि कैबिनेट विस्तार ‘खरमास’ के बाद भी हो सकता है, इसलिए फिलहाल छोटा मंत्रिमंडल बनेगा। इस वजह से पहली सूची में चुने गए नामों को लेकर उत्सुकता और भी बढ़ गई है।
गुरुवार सुबह 11:30 बजे पटना के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने 10वें कार्यकाल की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह भव्य होने की उम्मीद है और एनडीए के सभी बड़े नेता इसमें शामिल होंगे। इससे पहले भाजपा के कार्यालय और नेताओं के घरों में चहल-पहल बढ़ गई है। जिन नेताओं को कॉल मिला है, उनके यहां समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया है।
श्रेयसी सिंह के घर के बाहर भी सुबह से ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी है। उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। श्रेयसी सिंह के पिता दिवंगत दिग्विजय सिंह बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण नाम रहे हैं, और उनकी बेटी का मंत्री पद पर पहुंचना उनके राजनीतिक विरासत की निरंतरता माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा इस बार बिहार में नए राजनीतिक संदेश देना चाहती है — युवा नेतृत्व को बढ़ावा, महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व और पिछड़े समाजों में मजबूत पैठ। श्रेयसी सिंह और रामकृपाल यादव जैसे चेहरों की एंट्री इसी सोच का प्रतिबिंब है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि शपथ ग्रहण में कुल कितने मंत्री शामिल होंगे और भाजपा कोटे से किनका नाम अंतिम रूप से तय होता है।






