Bihar election : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच मोकामा से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह रविवार को एक चुनावी जनसभा के दौरान हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि डुमरा गांव में आयोजित एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान जैसे ही अनंत सिंह मंच पर पहुंचे और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया, तभी अचानक मंच टूट गया और वे जोरदार तरीके से नीचे गिर पड़े। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।
जानकारी के अनुसार, मोकामा विधानसभा क्षेत्र के पूर्वी इलाके डुमरा गांव में रविवार को अनंत सिंह के समर्थन में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद थे। मंच को विशेष रूप से इस कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया था, लेकिन जैसे ही अनंत सिंह मंच पर पहुंचे, उनका स्वागत करने के लिए भारी संख्या में समर्थक भी मंच पर चढ़ गए। मंच पर अचानक बढ़े भार के कारण उसका एक हिस्सा धराशायी हो गया।
अनंत सिंह सहित मंच पर मौजूद कई लोग मंच टूटने के साथ ही गिट्टी और मिट्टी पर गिर पड़े। समर्थक तुरंत उन्हें संभालने के लिए आगे बढ़े। कुछ ही सेकंड में मंच के आस-पास अफरा-तफरी मच गई। हालांकि कुछ ही देर बाद अनंत सिंह को उनके सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना के बाद भी समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ। जैसे ही अनंत सिंह को संभाला गया, चारों ओर से “अनंत सिंह जिंदाबाद” के नारे गूंज उठे। समर्थकों ने अपने नेता के प्रति निष्ठा और समर्थन का खुला प्रदर्शन किया। वहीं, अनंत सिंह ने खुद भी मुस्कुराते हुए समर्थकों को शांत रहने की अपील की और कहा कि “थोड़ा संभल कर, कोई बात नहीं, सब ठीक है।”
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही मंच पर समर्थक बढ़ते हैं, मंच अचानक झुकता है और कुछ ही पलों में नीचे गिर जाता है। अनंत सिंह समेत कई लोग संतुलन खोकर गिर पड़ते हैं। गिरने के बाद भी उनके समर्थक नारे लगाते हुए उन्हें उठाने में मदद करते हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस घटना पर चर्चा तेज हो गई है।
मोकामा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से बिहार की राजनीति का चर्चित इलाका रहा है। बाहुबल और राजनीति का संगम कहा जाने वाला यह क्षेत्र इस बार भी चुनावी चर्चा के केंद्र में है। अनंत सिंह, जो कभी इस सीट के सबसे प्रभावशाली विधायक रहे हैं, फिर से अपने पुराने जनाधार को मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हैं। ऐसे में उनके किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
डुमरा गांव का यह कार्यक्रम भी उनके चुनावी जनसंपर्क अभियान का हिस्सा था। मंच टूटने की घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि स्थानीय प्रशासन की सतर्कता पर भी चर्चा शुरू कर दी है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए मंच के निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई थी। बताया जाता है कि मंच लकड़ी और बांस से तैयार किया गया था, लेकिन उस पर भीड़ का दबाव झेलने लायक मजबूती नहीं थी। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आयोजन समिति ने जल्दबाजी में मंच तैयार कराया, जिससे यह हादसा हुआ।
हालांकि, अनंत सिंह के करीबी सूत्रों ने कहा कि यह एक दुर्घटना मात्र थी और इसमें किसी की गलती नहीं बताई जा सकती। उनका कहना है कि “लोगों का जोश इतना ज्यादा था कि सभी मंच पर चढ़ गए, और यही वजह रही कि मंच दबाव नहीं झेल सका।”
घटना के बाद अनंत सिंह ने समर्थकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और प्रचार अभियान को जारी रखें। उन्होंने कहा, “मंच टूटा तो क्या हुआ, हमारा हौसला नहीं टूटा। मोकामा की जनता मेरे साथ है।” उनके इस बयान के बाद समर्थकों में एक बार फिर जोश देखने को मिला।
मोकामा में अनंत सिंह से जुड़ी यह घटना भले ही एक दुर्घटना रही हो, लेकिन इसका वीडियो और तस्वीरें चुनावी मैदान में चर्चा का विषय बन चुकी हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने इसे “जनता का उत्साह” बताया तो किसी ने “सुरक्षा में लापरवाही” का नतीजा।
फिलहाल अनंत सिंह ने अपने आगामी जनसंपर्क कार्यक्रमों को जारी रखने का ऐलान किया है और कहा है कि वे हर हाल में जनता से जुड़ते रहेंगे। मंच टूटने की यह घटना मोकामा के राजनीतिक माहौल में एक नया मोड़ जरूर जोड़ गई है।






