Bihar Assembly Election 2025: बिहार में चुनाव का समय नजदीक आ गया है. विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी से लेकर संभावित उम्मीदवार तैयारी में जुटे हैं. टिकटार्थी टिकट के लिए नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं. संभावित प्रत्याशी चेहरा चमकाने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं. यह काम वैसे लोग ज्यादा कर रहे जो पहली बार टिकट की लाइन में हैं. आज जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के एक नए नवेले नेताजी की चर्चा करेंगे. यहां नए-नवेले नेता जी इसलिए कहा जा रहा, क्यों कि वे ठेकेदार का चोला उतारकर पूर्ण रूपेण नेता बनने की कोशिश में जुटे हैं. इसके लिए दिन-रात एक कर दिए हैं. दरवाजे-दरवाजे घूम कर जेडीयू-भाजपा नेताओं से आशीर्वाद मांग रहे हैं.
जहानाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा –जेडीयू-लोजपा से कई दावेदार हैं. यह सीट किसके खाते में जायेगी, यह पूरे तौर पर स्पष्ट नहीं है. हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में जहानाबाद सीट नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के खाते में गई थी और कृष्णंदन वर्मा यहां से उम्मीदवार हुए थे. हालांकि, चुनाव में जेडीयू प्रत्याशी की करारी हार हो गई थी. 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव को 75030 मत मिले थे. जबकि जेडीयू प्रत्याशी को 41128 मत मिले. इस तरह से जेडीयू प्रत्याशी को 33902 मतों से करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस बार भी जहानाबाद सीट एनडीए के अंदर जेडीयू कोटे में रहेगी, इसकी संभावना ज्यादा है.
थैली वाले ठेकेदार टिकट के लिए दरवाजे-दरवाजे घूम रहे
जाहानाबाद विधानसभा सीट के लिए जेडीयू में टिकट के कई दावेदार हैं. एक जाति (भूमिहार) से कई नए-पुराने नेता जेडीयू के संभावित प्रत्याशी हैं. इनमें से कई नेता तो पार्टी के पुराने साथी हैं, समता काल से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं. उनको पीछे छोड़ने को एक थैली वाला ठेकेदार बेचैन है. आज हम इस जाति के एक परजीवी नेता (ठेकेदार) की चर्चा करेंगे. ठेकेदार से नेता बनने चले स्वघोषित प्रत्याशी टिकट के लिए बेचैन हैं. जेडीयू का टिकट पाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं. ठेकेदार का ठप्पा मिटाकर नेता बनने के लिए नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं. हर उस दरवाजे जा रहे, जहां से टिकट मिलने की थोड़ी भी आस है. सहयोगी दल के नेताओं के दरवाजे पर भी दस्तक दे रहे. वैसे बता दें, ठेकेदार से नेता बनने चले संभावित प्रत्याशी खुद को पार्टी के कद्दावर नेता का सबसे करीबी बताते फिरते हैं. जहानाबाद में कहते फिरते हैं, मेरा टिकट कंफर्म है, सिर्फ एलान बाकी है. इसके बाद भी हालत देखिए....हर नेता के दरवाजे घूम रहे. चेहरा चमकाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे.
कुछ समय पहले पाला बदलते दिखे थे परजीवी नए-नवेले नेता
परजीवी नेताजी (ठेकेदार) जो जहानाबाद विधानसभा सीट से जेडीयू का टिकट पाने की आस लगाये बैठे हैं, इनके बारे में एक और चर्चा है. दो साल पहले पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच विवाद की खबरें आई थी. तब ये अपने खास, जिनकी बदौलत आगे बढ़े, उनसे छिटकते दिखे, पाला बदलते दिखे थे. जहानाबाद के मंच पर पार्टी के दूसरे नेता का पैर छूते तस्वीर भी वायरल हुआ था. तब यह बात चर्चा में आई थी कि पार्टी के जिस कद्दावर नेता के आशीर्वाद से बड़े ठेकेदार बने, उनसे ही धोखा कर रहे. वो तस्वीर एक बार फिर से वायरल हो रही है.
टिकट कंफर्म तो चेहरा चमकाने की क्या जरूरत ?
थैली वाले ठेकेदार जो नेता बनने के रास्ते पर हैं, जहानाबाद से टिकट कंफर्म होने का दावा कर रहे. इसके उलट मीडिया में चेहरा चमकाने की भी कोशिश कर रहे. उन्हें लग रहा कि चर्चा में आयेंगे तो पार्टी उन पर विचार करेगी. लिहाजा चर्चा में आने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे. वैसे टिकट की आस लगाये थैली वाले ठेकेदार को क्या पता कि मीडिया टिकट का बंटवारा नहीं करता. अब देखना होगा कि जहानाबाद से परजीवी नेता (ठेकेदार) की आस पूरी हो पाती है या नहीं ?





