Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा और अंतिम चरण का मतदान मंगलवार को संपन्न हो गया है। राज्य की जनता ने एक बार फिर लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दोपहर तक जहां मतदान की रफ्तार लगातार बढ़ रही थी, वहीं शाम 5 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों की 122 सीटों पर 67.14 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा पहले चरण से भी अधिक है, जहां 18 जिलों की 121 सीटों पर 66.08 प्रतिशत मतदान हुआ था।
चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण में मतदान के प्रति उत्साह इतना अधिक था कि देर शाम तक फाइनल टर्नआउट 70 प्रतिशत के पार पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इस प्रकार, इस बार बिहार एक नया वोटिंग रिकॉर्ड कायम करने की ओर अग्रसर है।
इस बार के चुनाव की खासियत रही महिलाओं और युवाओं की भागीदारी। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें नजर आईं। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में अपने बच्चों के साथ वोट डालने पहुंचीं और लोकतंत्र के इस पर्व को एक सामाजिक उत्सव में बदल दिया। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की मतदान दर पुरुषों से अधिक रही। महिला मतदाता इस बार बिहार के सत्ता समीकरण को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती हैं।
राज्य में पहली बार वोट डालने वाले एक करोड़ से अधिक नए मतदाता इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इनमें अधिकांश युवा हैं जिन्होंने बिहार के भविष्य को लेकर नई उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ मतदान किया। ये युवा मतदाता विकास, रोजगार, शिक्षा और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर मतदान करने निकले।
राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी सभी ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में बाहर निकलकर मतदान करने की अपील की थी। इसका असर साफ तौर पर मतदान प्रतिशत में देखने को मिला।तेजस्वी यादव ने मतदान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरे बिहार ने कमाल कर दिया। मन गदगद है। हर वर्ग, हर तबके ने लोकतंत्र को मजबूत किया है।”
दूसरे चरण के मतदान के समाप्त होते ही अब सबकी निगाहें एग्जिट पोल्स और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। शाम 6 बजे तक मतदान समाप्त होने के बाद तमाम न्यूज चैनल और सर्वे एजेंसियां अपने-अपने एग्जिट पोल्स जारी करेंगी राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि क्या इस बार जनता नीतीश कुमार के अनुभव पर भरोसा जताएगी या तेजस्वी यादव की युवा नेतृत्व को मौका देगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि गिनती 3 दिसंबर 2025 को की जाएगी। नतीजे आने के बाद ही तय होगा कि बिहार की सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा, नीतीश कुमार की अनुभवी सरकार या तेजस्वी यादव का नया विजन। इस बार मुकाबला बेहद करीबी रहने वाला है और हर वोट की अहमियत बढ़ गई है।
बिहार के लोगों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे लोकतंत्र के सबसे बड़े ताकत हैं। रिकॉर्ड वोटिंग न केवल जनता की जागरूकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि राज्य की जनता बदलाव और विकास को लेकर गंभीर है। अब बस इंतजार है 3 दिसंबर का, जब पता चलेगा “बिहार की गद्दी पर कौन?”





