Law and Order: आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने या अधिकतम 60 दिन तक प्रभावी रहेगा, जो भी पहले होगा।
डीएम ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। ऐसे में जनसभाओं और जुलूसों के दौरान राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और शस्त्र प्रदर्शन से माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है। मतदाताओं को प्रभावित करने या डराने-धमकाने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। इसलिए शांति एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक था।
अब जिले में कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल बिना सक्षम पदाधिकारी की पूर्व अनुमति के सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा। इसके अलावा किसी भी प्रकार की भड़काऊ, जातीय या साम्प्रदायिक प्रचार सामग्री, आपत्तिजनक पोस्टर, पर्चा, फोटो, वाट्सएप या सोशल मीडिया संदेश प्रसारित करने पर कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक दल या व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल का उपयोग प्रचार के लिए नहीं करेंगे और न ही मतदाताओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन, धमकी या डराने-धमकाने का कार्य करेंगे। प्रदूषण फैलाने वाली प्रचार सामग्री के प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, आग्नेयास्त्र, लाठी, भाला, गड़ासा या किसी भी घातक हथियार का सार्वजनिक प्रदर्शन प्रतिबंधित है। केवल शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी व्यक्ति, जिन्हें शस्त्र निरीक्षण या जमा करने के लिए विशेष अनुमति प्राप्त है, इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
डीएम ने स्पष्ट किया कि यह आदेश सामान्य सामाजिक गतिविधियों पर लागू नहीं होगा। शादी, बारात, शव यात्रा, बाजार, विद्यालय, अस्पताल या कर्तव्य पर तैनात सरकारी कर्मचारियों एवं पुलिस बल पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। चुनावी प्रचार वाहनों का उपयोग केवल भारत निर्वाचन आयोग से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही किया जा सकेगा। वाहन काफिले की संख्या और प्रचार सामग्री का प्रदर्शन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार होगा। वाहन के स्वरूप में बदलाव बिना सक्षम पदाधिकारी की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे शांति, संयम और निष्पक्षता के साथ चुनाव प्रक्रिया में भाग लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे से बचें। डीएम ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





