ED Raid: पश्चिम बंगाल के चर्चित कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बार ED की टीमें राजनीतिक रणनीति बनाने वाली मशहूर फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह कार्रवाई केवल एक शहर तक सीमित नहीं है; दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी एक साथ कई जगहों पर तलाशी जारी है।
जानकारी के अनुसार, I-PAC से जुड़े ऋषि राज सिंह के ठिकानों पर भी ED की टीमें मौजूद हैं। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी को ऐसे पुख्ता सुराग मिले हैं जिनके तार सीधे तौर पर कोयला तस्करी से जुड़े पैसों तक जा सकते हैं। ऋषि राज सिंह, I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं, जिन्हें संस्था के शुरुआती और अहम सदस्य माना जाता है, जो पर्दे के पीछे रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब I-PAC ED के निशाने पर आई है। इससे पहले कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर भी छापेमारी हो चुकी है। ED का आरोप है कि कोयला तस्करी से हुई काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज को भेजा गया और इसमें हवाला ऑपरेटर के माध्यम से करोड़ों रुपये I-PAC को ट्रांसफर किए गए। 8 जनवरी को पीएमएलए कानून के तहत हुई पिछली छापेमारी में भी कई ऐसे लोगों का पता चला था जो कोयला तस्करी के पैसों को इधर-उधर करने में शामिल थे।
छापेमारी की खबर मिलने पर बंगाल की राजनीति में भी खलबली मच गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीधे I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और साल्ट लेक स्थित कार्यालय पहुंची। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बीजेपी के इशारे पर टीएमसी की चुनावी रणनीति जानने के लिए की जा रही है। दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक जारी इस बड़े अभियान से हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले समय में कोयला तस्करी मामले में कुछ बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

