SAHARSA: सहरसा जिले के सौरबाजार में एक निजी नर्सिंग में साढ़े सात महीने की गर्भवती महिला को गर्भपात करने के दौरान तबीयत ज्यादा ख़राब हुई और डॉक्टर ने सहरसा रेफर कर दिया, जिसकी रास्ते में मौत हो गयी। मृतका के मायके वालों का आरोप है गर्भ में लड़की जाँच के बाद गर्भपात कराया जा रहा था, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप यह भी लगाया है कि मृतका के पति का उसके भाभी से अवैध सबंध था और दहेज़ मे भी तीन लाख रूपये डिमांड किया जा रहा था। जिस वजह उसके पति पर हत्या का आरोप लगाकर पुलिस से निष्पक्ष जाँच की मांग की है। मृतका की पहचान महिषी थाना क्षेत्र सिरवार गांव निवासी सरोज पंजियार की 28 वर्षीय पत्नी प्रीति कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के पति सरोज कुमार ने बताया कि प्रीति को दो दिनों से पेट में दर्द की शिकायत थी।
जिसे लेकर ही वह पहले सहरसा के एक निजी नर्सिंग होम के डॉक्टर से मुलाकात कर उसका उपचार कराया। इसके बाद सौरबाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम में साढ़े सात महीने की गर्भवती पत्नी गर्भपात करने के लिए भर्ती कराया। जहां गर्भपात होने के बाद उसका खून ज्यादा रिसाव होने पर डॉक्टर ने खून चढ़ाने के लिए कहा इसके बाद वहां के डॉक्टर ने गंभीर स्थिति के मद्देनज़र शहर रेफर कर दिया। लेकिन सहरसा पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। सदर अस्पताल में पहुंचे मृतका के मायका वालों ने जच्चा और बच्चा की हत्या करने का आरोप लगाया है। इधर, सदर थाने को सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर कमलाकांत तिवारी ने कहा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित थाने को भेजा जायेगा।


