Crime News: गुजरात में 7 साल की बच्ची से रेप और अमानवीय अत्याचार के मामले में राजकोट की विशेष अदालत ने बिहार के युवक को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए शनिवार को अंतिम फैसला सुनाया।
घटना 4 दिसंबर 2025 को राजकोट जिले के अटकोट के पास कानपार गांव में हुई थी। बच्ची अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी, तभी आरोपी रामसिंह तेरसिंह दुडवा (30 वर्ष) मोटरसाइकिल पर आया और उसे उठाकर ले गया। आरोपी ने बच्ची के साथ बलात्कार कर उसके गुप्तांग में लोहे की छड़ डाल दी।
बच्ची की चीखें सुनकर चाची मौके पर पहुंचीं, लेकिन आरोपी फरार हो गया। गंभीर हालत में बच्ची को पहले कानपार सरकारी अस्पताल, फिर जसदान और बाद में राजकोट जनाना अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर्स ने बड़ी मशक्कत से बच्ची की जान बचाई।
पुलिस ने 8 दिसंबर 2025 को आरोपी को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया। घटनास्थल से खून से सनी लोहे की छड़ और आरोपी के बाल बरामद हुए। DNA जांच में पुष्टि हुई कि बाल आरोपी के थे और छड़ पर लगा खून बच्ची का ही था। आरोपी का मोबाइल जब्त कर CDR जांच की गई, जिसमें उसकी लोकेशन वारदात स्थल पर पाई गई। पुलिस ने मात्र 11 दिनों में चार्जशीट दाखिल कर दी।
अदालत ने 12 जनवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया। विशेष अदालत में सजा सुनाने की तारीख 15 जनवरी तय हुई थी, जिसे बदलकर 17 जनवरी 2026 कर दिया गया। शनिवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश वी.ए. राणा ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। पीड़िता के पिता ने अदालत को पत्र लिखकर मांग की थी कि उनकी बेटी को इस हालत में पहुंचाने वाले आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।





