PM Awas Yojana curruption: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना , प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य देश के हर गरीब को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। लेकिन पूर्वी चंपारण के चिरैया प्रखंड में इस योजना को पलीता लगाने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
बारा जयराम पंचायत के जयपाल टोला निवासी टूनटून सिंह द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार, आवास योजना की पहली किस्त जारी करने के लिए आवास सहायक भरत भूषण ने 20,000 रुपये की रिश्वत ली। इस कथित लेन-देन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भरत भूषण को खुलेआम रुपये लेते हुए देखा जा सकता है, और पीड़ित लाभार्थी से हो रही बातचीत भी रिकॉर्ड में साफ सुनाई दे रही है।
इस वायरल वीडियो ने प्रशासनिक अमले को सकते में डाल दिया है। हालांकि, अभी तक किसी वरीय अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और इसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
यह मामला यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर कैसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। जिस योजना का उद्देश्य गरीबों को सम्मानपूर्वक घर देना है, उसी में लाभार्थियों को अपने हक के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है |यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि जनविश्वास पर भी गहरा आघात है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।






