1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 16, 2026, 2:20:31 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Patna NIA court: NIA ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। यह चार्जशीट पटना स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश की गई है।
एनआईए ने आनंद कुमार सिंह और उसके चार सहयोगियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप पत्र में शामिल सह-आरोपियों में उत्तर प्रदेश के अभय नाथ दुबे, बिहार के अभिरंजन कुमार और उत्तर प्रदेश के रोहित यादव शामिल हैं। इन तीनों को इसी वर्ष फरवरी में कंबोडिया से दिल्ली पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था। वहीं पांचवां आरोपी प्रहलाद कुमार सिंह फिलहाल जमानत पर बाहर है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने एक संगठित मानव तस्करी गिरोह के तहत भारतीय युवाओं को विदेश में वैध नौकरी और आकर्षक वेतन का झांसा देकर कंबोडिया भेजा। वहां पहुंचने के बाद पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें फर्जी कंपनियों में साइबर ठगी से जुड़े काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि विरोध करने वाले युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़ितों को बिजली के झटके दिए जाते थे, जबरन कैद में रखा जाता था और भोजन-पानी तक से वंचित किया जाता था।
जांच एजेंसी ने आनंद कुमार सिंह को इस पूरे गिरोह का सरगना बताया है। एनआईए के मुताबिक, वह भारत में एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के जरिए युवाओं की भर्ती करता था और फिर कंबोडिया में अपने सहयोगियों की मदद से उनकी अवैध तस्करी कराता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रत्येक युवक को फर्जी कंपनियों को बेचने के बदले आरोपियों द्वारा 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर तक वसूले जाते थे। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।