ब्रेकिंग
Earthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिलीEarthquake: दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, 5.9 थी तीव्रतामोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सीलदरभंगा में ज्वेलर्स की दुकान से दो करोड़ की लूट, 20 लाख कैश और सोने-चांदी के गहनें ले गए बदमाश; 10 मिनट में दिया वारदात को अंजामबिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली

Gopal Khemka Murder: 7 साल पहले खोया था बेटा, उसी अंदाज में गोपाल खेमका की भी हुई हत्या, पिता-पुत्र की मर्डर स्टोरी बिल्कुल एक जैसी

Gopal Khemka Murder: पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या। 7 साल पहले 2018 में उनके बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में उसी अंदाज में हत्या हुई थी। बिहार की कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।

Gopal Khemka Murder
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak KumarDeepak Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Gopal Khemka Murder: बिहार की राजधानी पटना में मशहूर कारोबारी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह वारदात गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास उनके अपार्टमेंट के गेट पर हुई। गोपाल अपनी कार से उतर रहे थे, तभी बाइक सवार अपराधियों ने उनके सिर में गोली मार दी। इस घटना ने सात साल पुरानी एक और त्रासदी को ताजा कर दिया, जब 2018 में उनके बेटे गुंजन खेमका की हाजीपुर में ठीक इसी तरह गोली मारकर हत्या की गई थी।


गोपाल खेमका बिहार के जाने-माने उद्योगपति थे, जिनका मगध हॉस्पिटल सहित हेल्थकेयर और अन्य व्यवसायों में बड़ा नाम था। 2018 में उनके बेटे गुंजन की हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में उनकी कॉटन फैक्ट्री के गेट पर हत्या हुई थी। गुंजन बीजेपी की स्मॉल स्केल इंडस्ट्री सेल के राज्य संयोजक भी थे। उस दिन दोपहर करीब 12 बजे गुंजन अपनी कार में फैक्ट्री पहुंचे थे। गार्ड ने जैसे ही गेट खोला, एक हेलमेट पहने बाइक सवार हमलावर ने कार की खिड़की से पिस्तौल सटाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे गुंजन की मौके पर ही मौत हो गई।


गुंजन की हत्या ने गोपाल खेमका को गहरे सदमे में डाल दिया था। उनके ड्राइवर मनोज रविदास उस हमले में मामूली रूप से घायल हुए थे, उन्होंने बताया था कि हमलावर पिस्तौल लहराते हुए फरार हो गया था। उस समय पुलिस ने कई कोणों से जांच शुरू की, लेकिन कोई बड़ा सुराग नहीं मिल सका। गुंजन को छह महीने तक धमकी भरे कॉल भी आए थे, जिनकी शिकायत उन्होंने गांधी मैदान थाने में दर्ज की थी, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


सात साल बाद गोपाल खेमका की हत्या ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर फिर से सवाल उठाए हैं। शुक्रवार की रात जब गोपाल अपने अपार्टमेंट के पास कार से उतरे, तभी हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। उन्हें तुरंत मेडिवर्सल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस खबर के बारे में
Deepak Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Deepak Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें