ब्रेकिंग
पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनातमुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपयेपरिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्टविवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर 3 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय महा दंगल, आयोजन स्थल का जायजा लेने पहुंचे अनंत सिंह पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनातमुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपयेपरिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्टविवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर 3 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय महा दंगल, आयोजन स्थल का जायजा लेने पहुंचे अनंत सिंह

साइबर क्रिमिनल्स की बड़ी डिजिटल डकैती! बैंक के RTGS ट्रांजैक्शन सिस्टम को हैक कर उड़ा लिये 2.34 करोड़

Karnataka Cyber Crime: कर्नाटक से साइबर क्राइम की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। साइबर क्रिमिनल्स ने किसी इंसान के साथ नहीं बल्कि बैंक में ही डिजिटल डकैती कर ली है।

Karnataka Cyber Crime
साइबर क्रिमिनल्स की करतूत
© google
Khushboo GuptaKhushboo Gupta|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Karnataka Cyber Crime: अब तक आपने किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड की खबर देखी और सुनी होगी। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि साइबर क्रिमिनल्स ने एक बैंक के ट्रांजैक्शन सिस्टम को ही हैक कर लिया। दरअसल कर्नाटक के विजयनगर जिले में एक बड़ी डिजिटल डकैती का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने प्रतिष्ठित बल्लारी जिला सहकारी केंद्रीय (बीडीसीसी) बैंक से ₹2.34 करोड़ चुरा लिए हैं। ये बैंक विजयनगर और बल्लारी जिलों में संचालित होता है। फिल्मी स्टाइल में डिजिटल डकैती की घटना को अंजाम दिया गया है।


साइबर क्रिमिनल्स ने बैंक के आरटीजीएस/एनईएफटी ट्रांजैक्शन सिस्टम को निशाना बनाया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि 10 जनवरी 2025 को बीडीसीसी बैंक से आईडीबीआई बैंक में फंड के रेगुलर ट्रांसफर के दौरान, हैकर्स लेनदेन के लिए उत्पन्न XML फाइलों में अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड को बदलने में कामयाब रहे, जबकि बेनिफीशियरी के नाम वही रहे। जिसके कारण फंड इच्छित बेनिफीशियरी के बजाय भारत के विभिन्न उत्तरी राज्यों में 25 अलग-अलग अकाउंट्स में जमा की गई।


डिजिटल डकैती का ये बड़ा मामला तब सामने आया जब बैंक की कई शाखाओं ने बताया कि 10 जनवरी का आरटीजीएस ट्रांस्फर अभी तक लोगों के अकाउंट्स में नहीं पहुंचा है। बैंक की जांच से पता चला कि इस लेनदेन के दौरान ₹5 लाख से अधिक की रकम निकाली गई थी। बैंक मैनेजमेंट ने तुरंत आरटीजीएस/एनईएफटी सेवाओं को सस्पेंड कर दिया और होसापेटे टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम के इस मामले को बल्लारी सीईएन पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस ने आईटी अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस फिलहाल इस डिजिटल डकैती के मामले की जांच कर रही है।

इस खबर के बारे में
Khushboo Gupta

रिपोर्टर / लेखक

Khushboo Gupta

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें