Bihar Crime News: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब माफिया अलग-अलग राज्यों से शराब की खेप बिहार भेज रहे हैं। पुलिस की सख्ती के कारण माफिया शराब की तस्करी के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इस बार माफिया ने शराब तस्करी के लिए रेलवे को चुना है और रेल पार्सल के जरिए शराब की तस्करी की जा रही है।
दरअसल, सहरसा में रेल पार्सल से शराब की तस्करी का मामला सामने आया है। जालंधर सिटी से ट्रेन के पार्सल पैकेज में शराब बोतलें मंगाई जा रही है। इसका खुलासा आरपीएफ पोस्ट कमांडर ने किया है। पार्सल पैकेज से 152 बोतल विदेशी शराब बरामद किया गया है। जिसकी कीमत 70 हजार 984 रुपए आंकी गई है। इस मामले में ठेला चालक सहरसा जिले के बैजनाथपुर के इटहरा वार्ड नं 6 निवासी ठेला चालक राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
समस्तीपुर मंडल के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुजीत कुमार मिश्र व आरक्षी प्रेम किशोर प्रेम अपराधी निगरानी के लिए सहरसा स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बंगाली बाजार ढाला पास पहुंचे तो आरक्षी समीर कुमार मिला। आरक्षी ने गुप्त सूचना के आधार पर काफी वजन वाला सामान लेकर जाता देखकर उसे रोका तो उसने खुद को रेल पार्सल कार्यालय के बतौर मजदूर ठेला चालक का काम करना बताया।
उसने बताया कि पार्सल के लीज होल्डर सहरसा के वार्ड नंबर 39 निवासी हसन इमाम उर्फ गुड्डू के द्वारा ट्रेन संख्या 14618 से चार पैकेज पार्सल सामग्रियों को उतरवा कर ठेला पर लोड कराते बस स्टैंड से जाने के लिए कहा गया था, इस कारण उसे ले जा रहे थे। आरपीएफ पोस्ट कमांडर ने कहा कि ठेला चालक की सत्यता का पता करने जब पार्सल कार्यालय गए तो पार्सल बाबू परमानन्द ने पूछने पर बताया कि यह माल जालंधर सिटी से सहरसा के लिए अरुण कुमार के नाम से बुक है।
बिना किसी पार्सल कर्मचारी की अनुमति के उक्त माल को ठेला पर लादकर माल के मालिक को डिलीवरी देने जा रहा था। उन्होंने कहा कि मुख्य पार्सल अधीक्षक को आवेदन देते चारों पैकेज को खुलवाकर जांच किया गया तो उसमें से पंजाब निर्मित 750-750 एमएल की 152 बोतल विदेशी शराब मिली, जिसे मद्यनिषेध विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया है।


