Bihar Naxal News: बिहार के गया जिले में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आमस थाना क्षेत्र से एक कुख्यात नक्सली देव कुमार पासवान को 8 साल बाद गिरफ्तार किया गया है। यह वही नक्सली है, जिसने 8 नवंबर 2018 को डुमरिया थाना क्षेत्र के जंगलों में बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस की जीप को उड़ा दिया था। घटना के बाद से वह फरार था, लेकिन गया पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने आखिरकार उसे धर दबोचा।
देव कुमार पासवान की तलाश पुलिस को पिछले 8 साल से थी। गुप्त सूचना मिली कि वह रेगनियां गांव के टोला मरीचा में अपने घर पर छिपा है। इस सूचना के आधार पर एसएसपी आनंद कुमार के निर्देश और इमामगंज एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में डुमरिया थानाध्यक्ष ने डायलनंबर 112 पर कॉल करके सिक्योरिटी को बुलाया। एसटीएफ और डुमरिया थानाध्यक्ष दिनेश कुमार की टीम ने तुरंत छापेमारी शुरू की। जैसे ही पुलिस ने उसके घर को घेरा, देव कुमार भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया।
यह घटना 8 नवंबर 2018 की है, जब नक्सलियों ने डुमरिया के जंगलों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए बारूदी सुरंग लगाई थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस की जीप पर हमला किया, जिससे जीप पूरी तरह तबाह हो गई। इस मामले में देव कुमार पासवान एक प्रमुख आरोपी था, लेकिन वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
बिहार पुलिस और एसटीएफ की यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। हाल ही में झारखंड के बोकारो में एक मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली अरविंद यादव मारा गया था, और अब बिहार में एक के बाद एक फरार नक्सलियों की धरपकड़ हो रही है। पुलिस अब देव कुमार से पूछताछ कर रही है ताकि नक्सली नेटवर्क और अन्य योजनाओं का पता लगाया जा सके।



