Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हथियार और नशीले पदार्थों की जब्ती से जुड़े एक मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मामले में अदालत को ठोस सबूत नहीं सौंपने के चलते विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आदेश को एनडीपीएस एक्ट संख्या-2 के विशेष न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने जारी किया है। सभी आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। गिरफ्तारी वारंट जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ जारी हुआ है, उनमें तत्कालीन थानाध्यक्ष, साहेबगंज अनुप कुमार, जांच अधिकारी पुरुषोत्तम यादव, गवाह संजय राय, सुरेंद्र राय,चौकीदार पिंटू कुमार, शत्रुघ्न राय और सिपाही अमित कुमार शामिल हैं।
दरअसल, यह मामला 1 मई 2022 को साहेबगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने कुख्यात अपराधी नथुनी सहनी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, तीन खोखे और झोले में दो किलो नेपाली चरस बरामद की गई थी। आरोप है कि आरोपी गंडक नदी बांध के पास रंगदारी के लिए फायरिंग कर रहा था।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी और नथुनी सहनी को पकड़ा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल जरूर की, लेकिन कोर्ट में सबूत पेश नहीं कर पाई। इस लापरवाही के कारण अदालत ने सात पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


