Bihar Crime News: बिहार के मुंगेर में वासुदेवपुर निवासी युवक का हाल ही में बिहार पंचायती राज विभाग के ग्राम कचहरी पद पर नियुक्ति हेतु मेरिट लिस्ट में नाम आया था। लिस्ट में नाम आने के 15 दिन बाद युवक के मोबाइल पर प्राइवेट नंबर से एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिहार पंचायती राज कार्यालय का बड़ा बाबू बताते हुए कहा कि उनके द्वारा ही मैरिट लिस्ट वाले अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा।
तत्पश्चात फोन करने वाले ने बिहार.गोभ.@आईसीडीएसआईएसपी.कॉम आईडी से युवक के मोबाइल पर एक मेल भेजा। मेल में युवक का बेसिक डिटेल नाम, पता, डेट आफ बर्थ अंकित था। इसके बाद फोन करने वाले ने रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट सत्यापन और ट्रेनिंग के नाम पर युवक से 2 लाख 47 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराया। उक्त राशि कई किश्तों में यूपीआई के माध्यम से फ्रॉड को भेजा गया।
पैसे देने के एक माह बाद भी ज्वाइनिंग नहीं होने पर युवक को ठगी का एहसास हुआ और युवक ने 1930 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराया। साइबर थानाध्यक्ष शिया भारती ने बताया कि साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है। टेक्नीकल इन्वेस्टीगेशन में ठगी करने वाले का मोबाइल लोकेशन नवादा का मिला है। साइबर थाने में कांड संख्या 8/25 दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी बाहरी कॉल पर तुरंत विश्वास न करें। पहले उसकी छानबीन कर मामले को समझ लें अन्यथा आप भी साइबर फ्रॉड के शिकार हो सकते है।
मो. इम्तियाज की रिपोर्ट



