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NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: NTA की शिक्षिका ही निकली बायोलॉजी पेपर लीक की मास्टरमाइंड, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में सीबीआई की जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। जिस शख्स को लेकर कभी किसी ने शक नहीं किया था, अब वही बायोलॉजी पेपर लीक की मास्टरमाइंड बताई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुलती नजर आ रही हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 16, 2026, 6:32:16 PM

NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: NTA की शिक्षिका ही निकली बायोलॉजी पेपर लीक की मास्टरमाइंड, सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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NEET-UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीबीआई ने इस मामले में पुणे की वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंडारे को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि मनीषा मंडारे ही बायोलॉजी पेपर लीक की मुख्य साजिशकर्ता थीं। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस बहुचर्चित मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार मनीषा मंडारे पुणे के शिवाजीनगर स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की लेक्चरर हैं। बताया जा रहा है कि वह पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के साथ विशेषज्ञ के रूप में जुड़ी हुई थीं और नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल रही हैं। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी विषय के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी।


सीबीआई के मुताबिक अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के माध्यम से कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने घर बुलाया था। वहां पर विशेष कक्षाएं चलाई गईं, जिसमें छात्रों को बायोलॉजी के महत्वपूर्ण सवाल समझाए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि इन सवालों में से बड़ी संख्या में प्रश्न 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक नीट परीक्षा में पूछे गए थे। छात्रों को सवाल नोटबुक में लिखवाए गए और किताबों में महत्वपूर्ण हिस्सों को चिन्हित भी कराया गया था।


सीबीआई ने दावा किया है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। छात्रों तक प्रश्न पहुंचाने के लिए बिचौलियों का इस्तेमाल किया गया और इसके बदले लाखों रुपये लिए गए। जांच एजेंसी ने पिछले 24 घंटों में देशभर में छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इन सबकी जांच जारी है।


इससे पहले CBI महाराष्ट्र के लातूर निवासी रसायनशास्त्र विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार वह रसायनशास्त्र प्रश्नपत्र लीक करने में शामिल थे। बताया जा रहा है कि कुलकर्णी लंबे समय तक एक कॉलेज में प्राचार्य और प्रोफेसर रह चुके हैं तथा सेवानिवृत्ति के बाद निजी शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे। सीबीआई उन्हें भी इस पूरे गिरोह का अहम सदस्य मान रही है।


गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को CBI ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक और अन्य शहरों से कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।