तमिलनाडु की डीएमके सांसद कनिमोझी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर यूजीसी नेट 2024 की परीक्षा की तारीख पर विरोध जताया है। परीक्षा की तारीख 15 और 16 जनवरी, 2024 को पोंगल के दिन निर्धारित की गई है, जो तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। कनिमोझी ने इसे तमिलनाडु की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता बताते हुए परीक्षा की तारीख में तत्काल बदलाव की मांग की है।
सांसद ने कहा कि पोंगल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि तमिल गौरव और पहचान का उत्सव है, और इस तरह की लापरवाही केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है, जो राज्य की सांस्कृतिक विरासत का जानबूझकर अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पहले भी पोंगल के दिन सीए परीक्षाओं की तारीख तय की थी, और अब यूजीसी नेट परीक्षा की तारीख भी उसी दिन रखी गई है।
यूजीसी नेट 2024 की परीक्षा की तारीख को लेकर तमिलनाडु की डीएमके सांसद कनिमोझी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर विरोध जताया है। उनकी आपत्ति इस बात को लेकर है कि यूजीसी नेट की परीक्षा 15 और 16 जनवरी को पोंगल के दिन निर्धारित की गई है। सांसद कनिमोझी ने इसे तमिलनाडु की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि पोंगल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि तमिल संस्कृति, गौरव और पहचान का प्रतीक है, और इस तारीख को परीक्षा निर्धारित करना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की संस्कृति के प्रति पूरी तरह से उपेक्षात्मक है।
कनिमोझी ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की लापरवाही सामने आई है, और यह पिछले उदाहरणों की तरह एक पैटर्न बनता जा रहा है, जैसे कि पिछले कुछ समय में पोंगल के दिन ही सीए की परीक्षाएं भी निर्धारित की गई थीं। उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए परीक्षा की तारीख में तत्काल बदलाव की मांग की, ताकि छात्रों को अपनी शिक्षा और संस्कृति के बीच चयन करने के लिए मजबूर न किया जाए।




