कंपनी के इस आईपीओ से 31.70 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है और शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, दिन के पहले आधे हिस्से तक यह इश्यू केवल 0.13 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें रिटेल इन्वेस्टर कैटेगरी का सब्सक्रिप्शन 0.14 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) का सब्सक्रिप्शन केवल 0.01 गुना रहा है।
Nukleus Office Solutions इस आईपीओ के जरिए कुल 31.70 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखे हुए है। इसमें 13.55 लाख शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। इस कंपनी का मुख्य कारोबार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराना है, जो स्टार्टअप्स, SMEs और बड़े उद्यमों को फर्निश्ड ऑफिस स्पेस, प्राइवेट केबिन, मीटिंग रूम जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। कंपनी ने इस IPO के फंड का इस्तेमाल नए सेंटर स्थापित करने, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाने, ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने, मोबाइल ऐप डेवेलपमेंट और अन्य कॉर्पोरेट आवश्यकताओं के लिए करने का ऐलान किया है।
IPO के महत्वपूर्ण विवरण:
- IPO ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 24 फरवरी 2025 (सोमवार) को खुला, और 27 फरवरी (गुरुवार) को बंद होगा।
- इश्यू प्राइस: 234 रुपये प्रति शेयर।
- लॉट साइज: 600 शेयर प्रति लॉट, यानी रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश 1,40,000 रुपये रहेगा।
- इश्यू साइज: 31.70 करोड़ रुपये।
- IPO रिजर्वेशन: 10.65 लाख शेयर NII निवेशकों के लिए और 5.05 लाख शेयर रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित।
- अलॉटमेंट डेट: 28 फरवरी 2025 (शुक्रवार) को शेयरों का आवंटन।
- डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट: 3 मार्च 2025 (सोमवार) तक।
- लिस्टिंग डेट: 4 मार्च 2025 (मंगलवार) को BSE SME पर लिस्ट होगा।
- GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम): शून्य (यह संकेत देता है कि शेयर लिस्टिंग प्राइस पर ही लिस्ट हो सकता है)।
पहले दिन की सब्सक्रिप्शन दर को देखकर यह कहा जा सकता है कि निवेशक शुरुआत में बहुत उत्साहित नहीं दिख रहे हैं। खासकर नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की सिर्फ 0.01 गुना की प्रतिक्रिया को देखते हुए, यह आईपीओ थोड़ा ठंडा सा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, रिटेल इन्वेस्टर कैटेगरी में हल्की प्रतिक्रिया देखी गई है, जो अब भी एक संकेत है कि यह SME IPO कुछ विशेष निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
Nukleus Office Solutions की बिजनेस मॉडल काफी अद्वितीय और आधुनिक है, जो भारतीय बाजार में स्टार्टअप्स और SMEs के बढ़ते हुए को-वर्किंग स्पेस की मांग को पूरा करता है। ऐसे में, अगर कंपनी अपने उद्देश्यों को सही ढंग से पूरा करने में सफल रहती है, तो भविष्य में इसके कारोबार में वृद्धि की संभावना है।





