Bihar News: बिहार के सुपौल सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड से एक नवजात शिशु के रहस्यमय तरीके से गायब होने की सूचना से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना सामने आते ही सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर खुद मामले की जांच में जुट गए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगालने लगे हैं। अस्पताल परिसर में आज हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
दरअसल, मधुबनी के पीपराही निवासी एक दंपत्ति को 7 दिसंबर को निर्मली अस्पताल में पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। जन्म के बाद नवजात को उल्टी की शिकायत होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल के एसएनसीयू वार्ड में रेफर कर दिया था। सोमवार और मंगलवार की रात सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन आज सुबह स्थिति अचानक बदल गई।
परिजन के अनुसार, आज सुबह बच्चे की नानी उसे दूध पिलाने के लिए वार्ड के बाहर लेकर आई थीं। कुछ ही देर बाद बच्चे के गायब होने की खबर फैल गई। परिजन पूरे अस्पताल परिसर में बच्चे की तलाश में भटकते रहे लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।
सिविल सर्जन ललन ठाकुर ने बताया कि सुबह लगभग 10 बजे नानी द्वारा बच्चे को बाहर ले जाने का सीसीटीवी फुटेज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, लेकिन उसके बाद वह बच्चे को किस समय वार्ड में वापस लेकर गईं, इसका फुटेज अब तक सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पूरी घटना की क्रमवार जांच की जा रही है और हर कैमरे के फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि गायब हुए नवजात का कोई सुराग मिल सके।
वहीं पीड़ित परिजनों का कहना है कि नानी ने दूध पिलाने के तुरंत बाद बच्चे को वार्ड में मौजूद स्टाफ के हवाले कर दिया था। परिजनों का आरोप है कि नवजात की सुरक्षा के प्रति अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं था और इसी लापरवाही का नतीजा है कि आज उनका बच्चा लापता है।
घटना ने सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। खासकर एसएनसीयू वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना कड़े सुरक्षा प्रबंधन के प्रवेश-निकास व्यवस्था को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। यह पहली बार है जब एसएनसीयू वार्ड से किसी नवजात के गायब होने की घटना सामने आई है, जिसने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।





