MOTIHARI: राज्य में जारी मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर महागठबंधन ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में पूर्व विधि एवं कानून मंत्री शमीम अहमद ने मोतिहारी के छौड़ादानो क्षेत्र में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सड़क पर उतर कर मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान विरोध प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
शमीम अहमद ने अपने हाथों में मशाल लिए "तेजस्वी यादव जिंदाबाद" और "चुनाव आयोग मुर्दाबाद" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ दल बीजेपी के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, "चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई है, वह पूरी तरह बीजेपी का दलाल बन चुका है। उन्होंने कहा कि गरीबों को मतदाता सूची से हटाने की साजिश हो रही है।
पूर्व मंत्री ने मतदाता पुनरीक्षण को एक "सुनियोजित साजिश" बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के वोटों को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में महागठबंधन को नुकसान पहुंचाया जा सके।
शमीम अहमद ने कहा कि महागठबंधन इस साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो राज्यभर में बिहार बंद जैसे बड़े आंदोलनों की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी इस मुद्दे पर जागरूक और संगठित होने की अपील की।




