SARAN: होली की खुशियां अचानक गम में तब्दिल हो गयी। सारण के जलालपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 40 वर्षीय अमित की मौत हो गई। वह कोठिया गांव निवासी विक्रमा सिंह के पुत्र थे। जो बुलेट से घर लौट रहे थे। तभी कोठिया आईटीबीपी कैंप के समीप उनकी बुलेट अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि अमित गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वह घंटों तक सड़क किनारे तड़पते रहे, लेकिन समय पर इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तुरंत प्राथमिक उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सक्रिय रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में समय पर मदद मिल सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद अमित घंटों तक सड़क किनारे पड़े रहे लेकिन समय पर इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकी. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आईटीबीपी के जवान मनवाता का परिचय देते तो प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.उधर घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को सक्रिय किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में तुरंत सहायता मिल सके।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सवाल यह है कि क्या किसी को भी सड़क किनारे पड़ा घायल युवक दिखाई नहीं दिया जबकि जबकि पुलिस गश्त दल का वाहन भी आमतौर पर आए दिन वहा सड़क के किनारे देखी जाती है ।





