SAHARSA: अपराध नियंत्रण और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सहरसा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 25,000 रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी राहुल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अपराधी पर सहरसा जिले में हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और शराबबंदी कानून के उल्लंघन के 15 संगीन मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर जिले में वांटेड अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को महिषी थाना कांड संख्या - 331/25 (हत्या का प्रयास और 27 आर्म्स एक्ट) में राहुल सिंह की सरगर्मी से तलाश थी। इस मामले में आरोपी और उसके सहयोगियों ने शिकायतकर्ता के घर पर जाकर मारपीट, फायरिंग की थी और जान से मारने की धमकी दी थी।
घटना के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था। अपराधी की धमक और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में जिला आसूचना इकाई (DIU) और महिषी थाना पुलिस को शामिल किया गया।
गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और मानवीय मुखबिरों (आसूचना संकलन) के आधार पर जाल बिछाया। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए टीम ने 23 फरवरी 2026 को इनामी अपराधी राहुल सिंह को धर दबोचा। गिरफ्तार राहुल सिंह, पिता- भूषण सिंह, सहरसा जिले के महिषी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम- महपुरा का रहने वाला है। गिरफ्तार कुख्यात का एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर साल 2008 से लेकर 2026 तक कुल 15 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें मुख्य रूप से महिषी थाने में हत्या के प्रयास (धारा 307) के 4 मामले। महिषी थाने में लूट (धारा 394, 379) के 3 मामले। अवैध हथियार (आर्म्स एक्ट) के 3 मामले। सहरसा मद्यनिषेध और महिषी थाने में शराब तस्करी (उत्पाद अधिनियम) के 4 मामले शामिल हैं। इस कुख्यात को पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसडीपीओ (सदर) आलोक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक-सह-थानाध्यक्ष (साइबर थाना) अजीत कुमार, महिषी थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रंजीत मंडल, जिला आसूचना इकाई के पदाधिकारी व कर्मी और महिषी थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे। सहरसा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए वे प्रतिबद्ध हैं और फरार इनामी अपराधियों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।






