Raxaul-Howrah train: बिहारवासियों के लिए एक बड़ी सौगात सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा बिहार के रक्सौल से पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत की गई है, जो अत्याधुनिक एलएचबी कोच से सुसज्जित है। पहले इस मार्ग पर ट्रेनें काफी कम चलती थीं, जिससे खासकर नेपाल और रक्सौल के व्यापारियों तथा यात्रियों को भारी परेशानी होती थी। अब इस नई सेवा से यात्रा न केवल सुविधाजनक होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी।
गाड़ी संख्या 13044, रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस को आईसीएफ कोच की जगह अब एलएचबी कोच में परिवर्तित कर दिया गया है। इस नई ट्रेन का उद्घाटन बेतिया के सांसद संजय जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर किया। यह नई व्यवस्था पूर्वी चंपारण से हावड़ा जाने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, साथ ही नेपाल और भारत के बीच व्यापारिक संपर्क और भी सुगम बनेगा।
697 किलोमीटर का सफर अब सिर्फ 16 घंटों में
यह ट्रेन रक्सौल से हावड़ा के बीच कुल 697 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 16 घंटे में तय करेगी। यह बदलाव सांसद संजय जायसवाल के चुनावी वादे का भी हिस्सा था, जिसे उन्होंने अब पूरा कर दिया है।आपको बता दे कि फिलहाल यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन – गुरुवार और शनिवार की रात 8:30 बजे रक्सौल से रवाना होती है और सीतामढ़ी, दरभंगा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होते हुए अगले दिन दोपहर 12:20 बजे हावड़ा पहुंचती है। रेलवे यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर जल्द ही इस सेवा को दैनिक करने पर विचार कर रहा है।
18 डिब्बों वाली ट्रेन से व्यापक सुविधा
यह ट्रेन कुल 18 बोगियों के साथ चलेगी, जिसमें एक सेकंड एसी, दो थर्ड एसी, नौ स्लीपर क्लास और चार जनरल कोच शामिल हैं। इससे न केवल रक्सौल और नेपाल के लोगों को, बल्कि जानकी जन्मभूमि सीतामढ़ी, जनकपुर, दरभंगा, जमुई और देवघर जैसे धार्मिक स्थलों के यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस नई ट्रेन सेवा से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को पहले से कहीं अधिक आरामदायक और तेज़ यात्रा का अनुभव मिलेगा।





