Bihar News: बिहार के मोतिहारी जिले के लखौड़ा थाना क्षेत्र से होकर बहने वाली सिकरहना नदी में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक नाव पर सवार 15 लोग और एक नाविक जानवरों के लिए चारा काटने नदी पार गए थे। जाने से पहले सत्यनारायण सहनी ने इस यात्रा का वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट किया था।
वापसी के दौरान नदी पर तेज हवा चलने से नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। 13 लोगों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई, जबकि तीन लोग लापता हो गए। गांव वालों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, वे तुरंत दूसरी नाव लेकर नदी में उतरे और तलाश शुरू कर दी।
रात में ही स्थानीय गोताखोरों ने कैलाश सहनी को नदी से बाहर निकाला। उस समय वे जीवित थे, लेकिन डॉक्टर के पास ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना लखौड़ा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पासवान को दी गई, जिसके बाद प्रशासन ने एनडीआरएफ टीम को अलर्ट किया।
रविवार सुबह सात बजे से एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाबूलाल सहनी और मुकेश सहनी के शवों को भी नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के साथ ग्रामीणों की आंखें नम थीं।
पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रातभर ग्रामीण नदी किनारे डटे रहे और पूरी रात रतजगा करते हुए शवों के मिलने का इंतजार करते रहे। जब तक सभी शव नहीं मिल गए, तब तक गांव के लोग नदी किनारे से नहीं हटे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर भी सदर सीओ घटना स्थल पर नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में काफी नाराज़गी देखी गई। ग्रामीणों ने जब सीओ को फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद ग्रामीणों ने डीएम सौरभ जोरवाल को घटना की जानकारी दी। डीएम के निर्देश पर एनडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
इधर, ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित लखौड़ा थाना क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने और मृतकों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीण शिवलाल साहनी ने कहा कि सरकारी सहायता मिलने से पीड़ित परिवारों का भरण-पोषण संभव हो सकेगा।
लखौड़ा थानाध्यक्ष प्रवीण पासवान ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, एनडीआरएफ अधिकारी भावेश झा ने बताया कि टीम ने सुबह से लगातार तलाशी अभियान चलाया और तीनों शवों को सुरक्षित बरामद किया गया।
पूर्वी चंपारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट


