VAISHALI: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। वैशाली जिले के पातेपुर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
इस मामले की शिकायत परिवादी चंदन कुमार ने निगरानी विभाग में लिखित रूप में दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि पातेपुर थाना कांड संख्या 84/26 और 85/26 में केस डायरी लिखने और मामले को रफा-दफा करने के बदले दारोगा अखिलेश सिंह 15 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर 10 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व डीएसपी सत्येंद्र राम कर रहे थे। टीम में सुनील कुमार सिंह, रवि कुमार और रितेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। सोमवार को जैसे ही दारोगा ने परिवादी से रिश्वत की राशि ली, टीम ने पहले से घात लगाकर मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की सतत कार्रवाई और तत्परता उजागर हुई।
निगरानी विभाग के डीएसपी सत्येंद्र राम ने बताया कि परिवादी चंदन कुमार ने ब्यूरो में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पातेपुर थाना कांड संख्या 84/26 और 85/26 (काउंटर केस) के अनुसंधानकर्ता (IO) दारोगा अखिलेश सिंह केस डायरी लिखने और मामले को रफा-दफा करने के बदले ₹15,000 की मांग कर रहे थे। परिवादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए निगरानी की शरण ली।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होते ही डीएसपी सत्येंद्र राम के नेतृत्व में एक विशेष 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। इस टीम में सुनील कुमार सिंह, रवि कुमार और रितेश कुमार सिंह जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल थे। सोमवार को जैसे ही दारोगा ने परिवादी से घूस की रकम पकड़ी, पहले से जाल बिछाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम ने पातेपुर थाने में ही आरोपी दारोगा अखिलेश सिंह के खिलाफ आवश्यक कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी दारोगा को पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई के दौरान थाने के अन्य पुलिसकर्मियों के बीच सन्नाटा पसरा रहा।





