MUZAFFARPUR: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब माफिया नए-नए ठिकानों की तलाश में जुटे रहते हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र स्थित पताही एयरपोर्ट का है, जहाँ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है। माफियाओं ने एयरपोर्ट के सुनसान और परित्यक्त परिसर को शराब के भंडारण और तस्करी के मुख्य केंद्र के रूप में तब्दील कर दिया था।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जानकारी के अनुसार, सरैया एसडीपीओ (DSP) सुश्री गरिमा को यह गुप्त सूचना मिली थी कि पताही एयरपोर्ट के भीतर जर्जर भवनों और वहां खड़े वाहनों में शराब की एक बड़ी खेप उतारी गई है। सूचना के आलोक में करजा थाना पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ एयरपोर्ट परिसर में छापेमारी की। पुलिस बल को देखते ही शराब कारोबारी मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने मौके पर मौजूद अवैध शराब के स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया।
खंडहर बने भवन और वाहनों में लदी थी शराब
पुलिस ने जब एयरपोर्ट के पुराने और जर्जर भवनों की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में विदेशी शराब की पेटियां मिलीं। इसके अलावा, परिसर में खड़ी एक स्कॉर्पियो और एक ऑटो रिक्शा से भी शराब बरामद की गई है। इन वाहनों को शराब की डिलीवरी के लिए उपयोग किया जाना था। पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, कुल 4242 लीटर अवैध विदेशी शराब जप्त की गई है।
सुनसान इलाके का फायदा उठा रहे कारोबारी
पताही एयरपोर्ट लंबे समय से निर्माण और विकास की बाट जोह रहा है। हालांकि इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन काम सुचारू रूप से शुरू न होने के कारण यह पूरा इलाका वीरान और सुनसान पड़ा रहता है। इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर शराब कारोबारियों ने इसे अपना ठिकाना बना लिया था। झाड़ियों और पुराने खंडहरों की आड़ में यहाँ बड़े पैमाने पर शराब का अवैध खेल चल रहा था।
क्या कहती है पुलिस?
पूरे मामले की जानकारी देते हुए सरैया एसडीपीओ सुश्री गरिमा ने बताया कि पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि एयरपोर्ट परिसर के अंदर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। बरामद शराब की मात्रा काफी अधिक है और माफियाओं ने इसे खपाने की पूरी तैयारी कर रखी थी। पुलिस ने स्कॉर्पियो और ऑटो को जप्त कर लिया है और वाहनों के नंबर के आधार पर उनके मालिकों और इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस बरामदगी ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे एक सरकारी और प्रस्तावित प्रोजेक्ट वाले संवेदनशील परिसर का उपयोग माफिया इतनी आसानी से कर रहे थे। फिलहाल पुलिस फरार धंधेबाजों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।



